देवरिया। निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर के सहयोगियों और भाजपा नेता के बीच हुई मारपीट के मामले में पार्टी नेताओं पर भी केस दर्ज होने के बाद प्रकरण तूल पकड़ने लगा है। सदर विधायक जनमेजय सिंह ने घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर विधानसभा में इस मामले को उठाने का एलान किया है। वहीं कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही और जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव से मिलकर भाजपा नेताओं ने अपनी पीड़ा सुनाई। उन्होंने शहर कोतवाल की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया है।
पांच दिन पहले सीसी रोड स्थित डॉ. चंद्रभान मिश्रा की क्लीनिक पर दवा वापसी को लेकर भाजपा नेता राधेश्याम शुक्ल और अस्पताल के कर्मचारियों में मारपीट हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में डॉक्टर और कंपाउंडर पर मारपीट का केस दर्ज कर लिया। इसके विरोध में डॉक्टर आंदोलित हो गए। दबाव में आई पुलिस ने भाजपा नेताओं पर भी केस दर्ज कर लिया। इस मामले में सदर विधायक का कहना है कि तथाकथित भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के नेताओं की ओर से दिया गया बयान पक्षपात पूर्ण है। वहीं, भाजपाजनों की समस्या सुनने के बाद कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि अफसर सरकार की मंशा के खिलाफ काम कर रहे हैं। इसकी जांच होनी चाहिए। इस दौरान विश्वंभर मिश्र, ओमप्रकाश मौर्य, कृष्णानाथ राय, प्रभुनाथ मिश्र, डॉ. जीतेंद्र प्रताप राव, राधेश्याम शुक्ल, अंबिकेश पांडेय मौजूद रहे। उधर, इस विवाद में शनिवार को खेल संघ से जुड़े लोग भी कूद पड़े। हॉकी और क्रिकेट से जुड़े पदाधिकारियों व खिलाड़ियों ने घटना की निंदा कर आरोपी चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग की। रविंद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में जिला हॉकी संघ और क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें क्रिकेट कोच नीरज वाजपेयी, रामेश्वर प्रजापति, अतुल वर्मा, मो. शाहिद, कलाम खान, केडी मिश्रा, विनय गुप्ता, नवीन राव, अभय वर्मा, हॉकी कोच मनोज कुशवाहा, संजय सिंह आदि मौजूद रहे।
कृषि मंत्री से मिले चिकित्सक
देवरिया। भाजपा नेता राधेश्याम शुक्ला की पिटाई के मामले में शनिवार की शाम शहर के चिकित्सक कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही से मिले। डॉक्टरों ने भाजपा नेता पर डॉ. चंद्रभान मिश्रा को धमकी देने तथा उनके खिलाफ मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत मुकदमा चलाने की मांग की। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष डॉ. विपिन बिहारी शुक्ला एवं आईएमए देवरिया के पूर्व अध्यक्ष डॉ. जेएन पांडेय के नेतृत्व में करीब 50 चिकित्सकों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार की शाम कृषि मंत्री से मुलाकात करने पहुंचा। चिकित्सकों का कहना था कि मामले को बेवजह इतना तूल दिया जा रहा है। राधेश्याम शुक्ला ने घटना के दिन डॉ. चंद्रभान मिश्रा की क्लीनिक पर जाकर उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए गाली दी थी। उनके खिलाफ मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। कृषि मंत्री ने चिकित्सकों के दल को आश्वस्त किया कि इस मामले में किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होगा। प्रतिनिधिमंडल में डॉ. एसपी गुप्ता, डॉ. शशिप्रभा गुप्ता, डॉ. के सिंह, डॉ. अवधेश कुमार सिंह, डॉ. सत्येंद्र तिवारी, डॉ. उमेश चंद्रा, डॉ. संतोष आनंद, डॉ. प्रमोद त्रिपाठी, डॉ. अनीस अंसारी, डॉ. शमशाद अली, डॉ. सुभाष गुुप्ता, डॉ. पवन त्रिपाठी, डॉ. मेजर रितेश सिंह, डॉ. नवेंदु राय आदि शामिल रहे।