देवरिया के बरपार गांव में जागृति यात्रा में शामिल युवाओं की टोली ने रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर गीत संगीत का लुत्फ उठाया।
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देवरिया। जागृति यात्रा में शामिल युवाओं की टोली ने बरपार पहुंचकर बुधवार को दिन में जहां उद्यमिता बढ़ाने के तरीकों पर विचार मंथन किया, वहीं शाम से रात का वक्त सांस्कृतिक गतिविधियों के बीच गुजारा। विभिन्न प्रांतों से आए युवाओं के बीच बरवार के ग्रामीण परिवेश की चर्चा सोते वक्त तक चली। रातभर की बतकही में उन्हें पता ही नहीं चला कि कब सवेरा हो गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए विशेष मंच सजा था। भारतीयता की झलक पेश करती सज्जा वाले मंच पर हुई प्रस्तुति में से कई लोकजीवन पर आधारित थीं। गीत-संगीत में देसी-विदेशी धुनों के मिश्रण ने जीवंतता का ऐसा राग पेश किया कि आठ हजार किलोमीटर की यात्रा का हिस्सा बने युवा अब तक के सफर की थकान भूल बैठे। देर रात तक जुड़ी इस महफिल में प्रस्तुति देने वालों और दर्शकों के बीच जोश की ताल का ऐसा मेल बैठा कि कई दर्शक दीर्घा में ही थिरकने लगे। यही नहीं यात्रा के गवाह बने विदेशियों को भी भारतीय साज और आवाज का यह संगम बेहद भाया। नींद भुलाकर अधिकांश ने इन प्रस्तुतियों का पूरा आनंद लिया। उद्यम बढ़ाने के मकसद पर आधारित इस खास यात्रा की 10वीं वर्षगांठ पर ‘अमर उजाला’ मीडिया पार्टनर की भूमिका में है। बृहस्पतिवार की सुबह जागृति यात्रियों का यह काफिला विशेष बसों से गोरखपुर रवाना हुआ। गोरखपुर से विशेष ट्रेन में सवार हुए यात्रियों का अगला पड़ाव दिल्ली है, जहां शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन का भ्रमण प्रस्तावित है।
ठंड पर भारी पड़ा युवाओं का जोश
बरपार में 24 घंटे से ज्यादा का वक्त गुजारने वाले जागृति यात्रा के युवाओं को ग्रामीण परिवेश ने ऐसा लुभाया कि थकान और नींद की परवाह किए बिना वे न सिर्फ बुधवार देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेते रहे बल्कि उन्होंने इस रतजगे में ठंड को भी हावी नहीं होने दिया। मौसम विज्ञानियों की मानें तो बुधवार शाम तक देवरिया का न्यूनतम तापमान सात डिग्री था लेकिन रात में तेज हुई शीतलहर की रफ्तार से बृहस्पतिवार भोर तक तापमान में और गिरावट आ जाएगी।