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धरने के दौरान बेहोश हुई शिक्षामित्र

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देवरिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील का असर भी शिक्षामित्रों पर नहीं दिख रहा है। नौकरी गंवा चुके शिक्षामित्रों ने अवकाश के दिन रविवार को जोरदार प्रदर्शन किया। चिलचिलाती धूप में सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष शिक्षामित्र सुभाष चौक पर एकत्र हुए। सरकार और न्यायपालिका विरोधी नारे लगाए। इस दौरान एक महिला शिक्षामित्र बेहोश हो गई। गश खाकर धरना स्थल पर महिला शिक्षामित्र रेनू के गिरते ही अफरा-तफरा का माहौल हो गया। कोई पानी के छीटे मार रहा था तो कोई अस्पताल ले जाने की बात कह रहा था। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में पुलिस जीप में लादकर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। यह घटना देख धरने पर बैठी महिला शिक्षामित्रों ने छाते और पेपर का सहारा लिया। ताकी गर्मी की मार उन पर न पड़ सके।
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शिक्षामित्रों के साथ धरने में उनके बच्चे भी आए थे। शिक्षामित्रों के साथ उनके बच्चे भी नारे लगा रहे थे। चूंकि रविवार का दिन था, इसलिए देवरिया-गोरखपुर मार्ग पर यातायात अन्य दिनों की तुलना में कम था। इसलिए जाम की समस्या नहीं उत्पन्न हुई। शिक्षामित्रों के आंदोलन के कारण सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। स्थानीय खुफिया रिपोर्ट के आधार पर पुलिस फोर्स सुबह 10 बजे से ही सुभाष चौक पर चौकस थी। महिला पुलिसकर्मियों की भी संख्या ठीकठाक थी। 10.30 बजे से शिक्षामित्रों की जुटान होने लगी। 11 बजे के करीब सैकड़ों की संख्या में सुभाष चौक पर शिक्षामित्र एकत्र हो गए। पुरुष शिक्षामित्रों की अपेक्षा महिला शिक्षामित्रों की संख्या अधिक थी। माध्यमिक शिक्षक संघ के जयप्रकाश कुशवाहा ने कहा कि शिक्षामित्रों के संघर्ष में उनका संगठन पुरजोर समर्थन करेगा। जन संस्कृति मंच के उद्भव मिश्र ने कहा कि शिक्षामित्रों के साथ अन्याय हुआ है। उन्हें न्याय दिलाने का काम किया जाएगा। संयुक्त समायोजित शिक्षक एसोसिएशन के जिला संयोजक संजय पांडेय ने कहा कि उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक सरकार लिखिल रूप से बयान नहीं जारी करती। रामयोगेंद्र भारती ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों को पुन: सहायक शिक्षक पद पर बहाल करे अन्यथा ईंट से ईंट बजा दिया जाएगा। अलंकेश्वर सिंह ने कहा कि यदि शिक्षामित्रों को जल्द सहायक अध्यापक नहीं बनाया गया तो विधानसभा का घेराव किया जाएगा। मनोज सिंह चंदेल ने कहा कि सरकार संविधान में संशोशन कराकर शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक पद पर समायोजित नहीं करती है तो इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। शशांक शेखर ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षामित्रों की समस्या का जल्द निस्तारण करे। अनिता तिवारी, प्रतिभा देवी, राजकुमारी देवी, दीना यादव ने कहा कि यदि नौकरी छीनना ही था तो फिर उन्हें क्यों सहायक अध्यापक बनाया गया। इसके बाद शिक्षामित्र नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और सीएम को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
इनसेट में-
तेवर देख ढोल और ताशा का बजना बंद
देवरिया।
शहर के सुभाष चौक पर दिन में 10.20 बजे एक संगठन के कुछ युवा ढोल और ताशा बजा रहे थे। किनारे खड़ी शिक्षामित्रों ने एतराज जताया। इसी बीच एक सफेद कुर्ता पाजामा पहने एक युवक पहुंचा। उसने वजह पूछा। शिक्षामित्रों ने अपने अंदाज में समझाया। दरअसल समायोजन निरस्त होने के बाद विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम था ऐसे में ढोल ताशा बजना नागवार लगा। मामला समझने के बाद ढोल-ताशा बजना बंद हो गया।
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