सलेमपुर। हेलो! तुम आशा बहू बोल रही हो, हां बोल रही हूं, मै सीएमओ कार्यालय से बाबू बोल रहा हूं, अपना आधार नंबर और एटीएम का गोपनीय पिन कोड बता दो, यह कोई स्वास्थ्यकर्मी नहीं बल्कि साइबर अपराधी हैं। इनके झांसे में आई कई आशा बहुओं ने अपना एटीएम कोड और आधार नंबर बता दिया। इसको लेकर स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है और आशाओं को जागरूक करना शुरू कर दिया है।
शासन से आशा बहुओं को मोबाइल और सीयूजी नंबर उपलब्ध कराया गया। इधर करीब एक हफ्ते से जिले के अधिकांश आशाओं के मोबाइल पर कॉल आ रहा है। फोन करने वाले खुद को सीएमओ कार्यालय का बाबू बताकर बैंक अकाउंट व एटीएम से जुड़ी गोपनीय जानकारी मांग रहे है। तीन दिन पूर्व बरसीपार की आशा चंद्रावती देवी जालसाजों की बातों में फंसकर एटीएम का गोपनीय कोड बता और इसके खाते से 50 हजार की खरीदारी कर ली। इसके अलावा बैतालपुर क्षेत्र की रहने वाली आशा वर्कर के अकाउंट से खरीदारी हो गई। साइबर ठगों ने इस तरीके का नया फार्मूला अपनाया है।
सीएचसी अधीक्षक को भी झांसा दिया
इसके अलावा सीएचसी के अधीक्षक डॉ. सुरेंद्र सिंह के सीयूजी नंबर पर फोन आया और फोन करने वाला पूछा आशा बहू का नंबर है। अधीक्षक ने साइबर ठग को भांप लिया और उससे परिचय पूछा तो उसने खुद को इलाहाबाद का सीएमओ बताकर फोन काट दिया।
जागरूकता के लिए चलेगा अभियान
सलेमपुर। साइबर क्राइम कंट्रोल टीम के प्रभारी विजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सीयूजी नंबर का अंत का दो अंक बदलकर फोन मिलाने पर किसी स्वास्थ्यकर्मी के पास ही जाएगा। उसे अपने झांसे में लेकर जालसाज गोपनीय कोड पूछ रहे हैं। इसके लिए अभियान जलाकर आशाओं को टीम जागरूक करेंगी। सीएचसी पर आशा बहुओं को बुलाकर चिकित्सक जागरूक किया और फोन पर बैंक अकाउंट संबंधित कोई भी जानकारी देने से मना किया। इस बाबत सीएचसी के अधीक्षक डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि आशा बहुओं को जागरूक किया गया है। पूरे जिले में जालसाज फोन कर एटीएम की गोपनीय जानकारी मांग रहे हैं।