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12 लेखपाल निलंबित, 404 से अधिक का वेतन रोका

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12 लेखपाल निलंबित, 404 से अधिक का वेतन रोका
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कलेक्ट्रेट परिसर में आंदोलन पर जमे रहे लेखपाल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। आंदोलित लेखपालों पर जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभिन्न तहसीलों के 12 लेखपालों को जहां निलंबित किया गया है। वहीं 404 से अधिक लेखपालों को ‘नो वर्क नो पेमेंट, ब्रेक इन सर्विस’ के आधार पर वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई है। बावजूद बुधवार को लेखपालों पर कार्रवाई का कोई असर नहीं दिखा।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ का आंदोलन तेज होता जा रहा है। बुधवार को कलेक्ट्रेट में आंदोलित लेखपालों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद किया। लेखपालों ने कहा कि प्रशासन कार्रवाई के दम पर लेखपालों की आवाज बंद करना चाहता है। लेखपाल इससे डरने वाले नहीं हैं। आंदोलन से राजस्व के अलावा कई सरकारी कार्य प्रभावित होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सलेमपुर, भाटपाररानी, रुद्रपुर, बरहज और देवरिया सदर ब्लॉक के 12 लेखपालों को प्रशासन ने निलंबित कर दिया। इसके अलावा जिले के करीब 404 से अधिक लेखपालों का नो वर्क नो पे ब्रेक इन सर्विस की कार्रवाई की है। इस कार्रवाई से लेखपालों में और नाराजगी बढ़ गई है। इस बाबत लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि लेखपाल प्रशासन की कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। सरकार के इशारे पर अफसर दमनात्मक कार्रवाई कर रही है। लेखपालों का आंदोलन और तेज होगा।
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12 लेखपाल निलंबित किए गए हैं, 404 से अधिक पर ‘नो वर्क नो पे, ब्रेक इन सर्विस’ की कार्रवाई की गई है। नहीं मानने पर अन्य लेखपालों के खिलाफ भी गंभीर कार्रवाई की जाएगी।
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रामसहाय यादव, सीआरओ
एसडीएम ने चार लेखपालों को किया सस्पेंड
बरहज। तहसील परिसर में कार्यरत चार लेखपालों को एसडीएम सुनील कुमार सिंह ने निलंबित किया है। उन पर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने, लगातार अनुपस्थित होने आदि का आरोप है। बुधवार को शासनादेश के क्रम में दोषी पाए जाने पर एसडीएम ने आशुतोष, संदीप यादव, संजय यादव और योगेंद्र यादव को सस्पेंड कर दिया। बताया जा रहा है कि सभी को बीते 13 दिसंबर को नोटिस तामिला कराया गया था। सभी पर नोटिस लेने से इन्कार करते हुए वापस कर देने का आरोप है।
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