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117 लोगों की आई पॉजिटिव रिपोर्ट

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रुद्रपुर सीएचसी में दो दिन में पांच लोगों के संक्रमित होने के बाद पसरा सन्नाटा - फोटो : DEORIA
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117 लोगों की आई पॉजिटिव रिपोर्ट
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रुद्रपुर के बाद सलेमपुर और भाटपाररानी तहसील क्षेत्र में बढ़ रहे केस
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। शुुक्रवार को 117 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसमें पंजाब नेशनल बैंक के दो कर्मचारी भी शामिल हैं। जिले में संक्रमितों की संख्या 1811 हो गई है। 1106 लोग ठीक होकर घर चले गए हैं। मरने वालों की संख्या 12 हो गई है।
पंजाब नेशनल बैंक नूनखार के दो कर्मचारियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसकी जानकारी होते ही बैंक में मौजूद अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। बैंक में लेन-देन के आए लोग भी दहशत में हैं। बैंक शाखा को बंद कर दिया गया। दोनों कर्मचारियों को होम क्वारंटीन करने के निर्देश दिए गए हैं। लार ब्लॉक के बभनौली के दो, इटहुरा मिश्र के एक और हरखौली के एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सलेमपुुर नगर के पांच लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसमें सलेमपुर बिजली उपकेंद्र एक कर्मचारी भी शामिल है। रुद्रपुर तहसील के बाद सलेमपुर और भाटपाररानी तहसील क्षेत्र में संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि 117 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। 1106 लोग ठीक होकर घर चले गए हैं, जबकि 694 केस एक्टिव हैं। अधिकांश लोगों को होम क्वारंटीन कर इलाज किया जा रहा है।
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कमरे में बंद वेंटिलेटर, मेडिकल कॉलेज भेजे जा रहे संक्रमित
सांस लेने में तकलीफ होने पर कोरोना मरीजों को भेजा जा रहा बस्ती और गोरखपुर
कोरोना मरीजों के लिए खरीदे गए हैं चार वेंटिलेटर, नहीं किया जा रहा संचालित
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना के गंभीर मरीजों को जिले में इलाज नहीं मिल पा रहा है। थोड़ी भी दिक्कत होने पर संक्रमितों को गोरखपुर या बस्ती मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जा रहा है, जबकि जिला अस्पताल में रखे चार वेंटिलेटर शोपीस बने हैं। इसे संचालित करने पर जिम्मेदारों का जोर नहीं है।
कोरोना महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से संपूर्ण इंतजाम किया गया। एलवन अस्पताल में मरीजों को रखकर इलाज किया जा रहा है, जबकि गंभीर रोगियों के इलाज के लिए लाखों रुपये खर्च कर चार वेंटिलेटर खरीदे गए। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में इसे लगाने की चर्चा हुई, लेकिन आज तक उसी तरह रखा है। ऐसी स्थिति में जिले के किसी भी संक्रमित को सांस लेने में दिक्कत या वेंटिलेटर की जरूरत पड़ रही है तो गोरखपुर या बस्ती मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जा रहा है। जिले के करीब 12 मरीजों का इलाज लखनऊ, बस्ती और गोरखपुर में चल रहा है। अगर वेंटिलेटर को संचालित कर दिया जाए तो संक्रमितों के लिए काफी हद तक सहूलियत होगी, लेकिन स्वास्थ्य महकमे की उदासीनता के कारण वेंटिलेटर संचालित नहीं हो पा रहा है, जबकि संक्रमितों का आंकड़ा जिले में लगातार बढ़ रहा है। 11 लोगों की मौत हो चुकी है। बावजूद स्वास्थ्य महकमा लापरवाह बना हुआ है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि एलटू अस्पताल बनाने की तैयारी चल रही है। उसी में वेंटिलेटर का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए एक प्राइवेट अस्पताल को चिह्नित किया गया है। वेंटिलेटर चलाने के लिए डॉक्टरों को प्रशिक्षण दे दिया गया है।
कोरोना में स्कूल ने लिया फीस न लेने का निर्णय
सोनूघाट। कोविद-19 के चलते रामकृष्ण अकादमी बैरौना ने अभिभावकों से फीस न लेने का निर्णय लिया है। स्कूल के प्रबंधक तेजप्रताप शाही ने कहा कि इस समय पूरा देश महामारी के दौर से गुजर रहा है। अभिभावक परेशान हैं व किसी तरह अपनी जीविका चला रहे हैं। इस समय फीस देना उन अधिक बोझ देने के समान है। ऐसे दौर में 30 सितंबर वर्ष 2020 तक स्कूल किसी प्रकार का शुल्क नहीं लेगा।
फोटो समाचार
दो दिन में सीएचसी के पांच कर्मचारी संक्रमित
ओपीडी बंद, सैंपलिंग सेंटर के चार कर्मचारी संक्रमित
शुक्रवार को नगर में मिले नौ पॉजिटिव
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रपुर। क्षेत्र और नगर में कोविड का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। दो दिन में सीएचसी के पांच कर्मचारियों के संक्रमित होने के बाद यहां सैंपलिंग सेंटर संचालित करने में दिक्कत आ रही है। शुक्रवार को अस्पताल के फार्मासिस्ट और एक्सरे सहायक संक्रमित हो गए। इससे पहले ब़हस्पतिवार को सैंपलिंग सेंटर के लैब टेक्नीशियन, पुरुष स्टाप नर्स और एक अन्य कर्मचारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। सीएचसी में अब तक 10 लोगों के कोविड की चपेट में आने से हड़कंप मचा है।
लगातार दो दिन से सीएचसी में संक्रमितों की संख्या बढ़ने से अस्पताल में ओपीडी सेवा बंद कर दी गई है। वहीं, अस्पताल में स्थित सैंपलिंग सेंटर पर सिर्फ एक कर्मचारी काम कर रहा है। स्वास्थ्य कर्मचारियों में दहशत है। संक्रमित हो रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सुरक्षा उपकरणों की गुणवत्ता पर सवाल उठाया है। उन्होंने पीपीई किट और दस्तानों की घटिया किस्म की शिकायत की। संक्रमित स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कहा कि दस्ताने अत्यंत निम्न कोटि के हैं। सैंपलिंग सेंटर में काम करने वालों को उम्दा किस्म के सुरक्षा उपकरण नहीं देने से उनकी जान जोखिम में पड़ रही है। इस कारण आएदिन स्वास्थ्य कर्मचारी संक्रमण के शिकार हो रहे हैं। शुक्रवार को राज्यमंत्री के संक्रमित पुत्र के संपर्क में आए दो लोगों की रिपार्ट पॉजिटिव आई। नगर में संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अब तक सिर्फ नगर में 110 लोग संक्रमित हो गए हैं। नगर में कोविड संक्रमण से एक महिला की मौत भी हो गई है। इस बाबत सीएचसी के अधीक्षक डॉ दिनेश यादव ने कहा कि अस्पताल को दो दिन के लिए बंद कर दिया गया हैै। सैंपलिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं।
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कोरोना संक्रमण के दौर में सफाई के प्रति अलख जगा रहे मनीष
चनुकी। लार नगर पंचायत निवासी मनीष सिंह बंटी कोरोना संक्रमण के दौर में लोगों में सफाई के प्रति अलख जगा रहे हैं। सड़क पर मरे जानवर को दफनाना उनका शगल है। कहीं यात्रा के दौरान सड़क पर कोई मरा जानवर देखते हैं। वाहन रोककर उसे अपने हाथों से उठाकर दफनाते हैं। परिषदीय विद्यालय में शिक्षक पिछले साल अक्तूबर से ही नगर पंचायत लार के 16 वार्डों में रोज सुबह पांच से सात बजे तक झाड़ू लगाकर सफाई करते हैं। इस काम के लिए जिले से लेकर स्थानीय स्तर पर उन्हें कई बार सम्मानित किया जा चुका है। शुक्रवार को उन्होंने बताया कि इस विकट स्थिति में स्वास्थ्य एक बड़ा मुद्दा बन कर सामने आया है। स्वास्थ्य के लिए स्वच्छता आवश्यक है। इसलिए स्वच्छता का संकल्प लिया है।
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