हाईमास्ट लगाने में धांधली, जांच के आदेश
मझौलीराज का मामला, एसडीएम से सात दिनों में मांगी रिपोर्ट
नगर क्षेत्र में 100 हाईमास्ट लाइट लगाने का हुआ है टेंडर
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। नगर निकायों के विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायतें थमने का नाम नहीं ले रही। बरियारपुर, बरहज, लार के बाद अब मझौलीराज नगर पंचायत में शासकीय धन की बंदरबांट का आरोप लगा है। हाईमास्ट लगाने में लाखों रुपये के दुरुपयोग की शिकायत के बाद डीएम ने जांच के निर्देश दिए हैं। सलेमपुर एसडीएम से जांच कर पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट सात दिनों में मांगी है।
मझौलीराज निवासी फिरोज अहमद ने डीएम से नगर के विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र दिया है। उनका कहना है कि नगर में अवैध ढंग से हाईमास्ट लाइट लगाने के लिए करोड़ों रुपये का टेंडर किया गया है। पूरे नगर क्षेत्र में 100 हाईमास्ट लगाए जाने हैं, जबकि इतने हाईमास्ट लाइट देवरिया और बरहज जैसे बड़े नगरपालिका क्षेत्र में भी नहीं लगे हैं। प्रत्येक लाइट की कीमत तकरीबन ढाई लाख रुपये रखी गई है। धन के दुरुपयोग की मंशा से ही 20-30 मीटर की दूरी पर इस लाइट को लगाया जा रहा है। इसी तरह नगर क्षेत्र में साफ-सफाई के लिए 38 सफाईकर्मी नियुक्त किए गए हैं, जिन्हेें क्रमश: दिन और रात के शिफ्ट में काम करना है। इसमें सिर्फ 18 से काम लिया जा रहा है, बाकी की उपस्थिति कागज में लग रही है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम अमित किशोर ने सलेमपुर एसडीएम संजीव कुमार से पूरे मामले की जांच कर सात दिनों में रिपोर्ट देने को कहा है।