देवरिया। जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव की शिकायत को पंचायतीराज अनुभाग के सचिव ने गंभीरता से लिया है। डीएम की ओर से कराई गई जांच की पठनीय पत्रावली की एक प्रति अध्यक्ष को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
दीपक मणि का अपहरण कर जमीन बैनामा कराने के मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव को जेल की हवा खानी पड़ी। जेल से रिहाई के बाद कानूनी अड़चनों में फंसे जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपना अधिकार पाने की जुगत में जोड़तोड़ से लगे, लेकिन सफलता नहीं मिली। 14 नवंबर 2018 को डीएम ने इनके कार्यकाल में हुए कार्यों की जांच कराई तो कई अनियमितताएं मिली। शासन को जांच रिपोर्ट भेजने के बाद इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की गई थी। लेकिन डीएम ने कार्रवाई से जुड़ी जानकारी मांगने के बावजूद अध्यक्ष को नहीं उपलब्ध कराया गया था। अध्यक्ष रामप्रवेश ने इसकी शिकायत शासन में की है और कार्रवाई से जुड़े अभिलेख उपलब्ध कराने की मांग की। सचिव महेंद्र कुमार ने 23 जनवरी को डीएम को पत्र भेजकर नाराजगी जाहिर की और जिला पंचायत अध्यक्ष को सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इस बाबत जिला पंचायत के अपर अधिकारी उमेश चंद्र ने बताया कि जो सूचनाएं देने लायक है, वह दे दी गई है। इस बाबत डीएम ने कहा जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश को कार्रवाई से जुड़ी जानकारी दे दी गई थीं। उन्होंने बताया कि यह पठनीय नहीं है। पत्र प्राप्त हुआ है दुबारा सूचना भेजी जा रही है।