देवरिया। बीआरडीपीजी कृषि कॉलेज की मान्यता पर संकट आने की चर्चाओं के साथ ही इस मुुद्दे को लेकर छात्र संगठित होने लगे हैं। सोमवार को कॉलेज के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर उन्होंने प्राचार्य के विरोध में नारेबाजी की। तालाबंदी के बाद कक्षाओं को स्थगित कर दिया गया। इस मुद्दे को लेकर प्राचार्य कक्ष में प्राचार्य एवं छात्र नेताओं के बीच बहस भी हुई। उधर, छात्रों ने मंगलवार से सुभाष चौक पर पांच दिवसीय अनशन करने का एलान किया।
छात्रसंघ अध्यक्ष जयसिंह यादव व महामंत्री रविशंकर नाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में कॉलेज गेट पर छात्रों के समूह ने तालाबंदी कराई। अब तक इस मामले में प्राचार्य के खिलाफ खुलकर नहीं बोल रहे छात्रों ने मौके पर उनके खिलाफ भी नारेबाजी की। पदाधिकारियों का कहना था कि कॉलेज के नाम से जमीन निरस्त करने से पहले इस मामले में पक्ष रखने के लिए कॉलेज प्रशासन को 11 दिन से अधिक का मौका जिला प्रशासन ने दिया था, लेकिन उस दौरान अपना पक्ष रखने कोई नहीं गया। प्राचार्य सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने के चक्कर में लगे रहे। ठीक ढंग से मामले की पैरवी की गई होती तो आज कॉलेज की भूमि उसके पास ही होती। तालाबंदी के बाद छात्रों ने कक्षाओं को स्थगित करा दिया। इसके बाद वह प्राचार्य कक्ष में गए। वहां छात्रसंघ पदाधिकारियों एवं प्राचार्य के बीच आधे घंटे से अधिक समय तक बहस होती रही। अध्यक्ष जयसिंह ने बताया कि भूमि विवाद का निर्णय जब तक कॉलेज के पक्ष में नहीं आ जाता, हमारा आंदोलन जारी रहेगा। कॉलेज प्रशासन तब तक पठन-पाठन एवं कार्यालय को स्थगित रखा जाए। इसी मांग को लेकर प्राचार्य को ज्ञापन दिया गया। उनके इन्कार पर विरोध में नारेबाजी की गई। उन्होंने कहा कि सुभाष चौक पर चार दिसंबर से छात्रों का अनशन शुरू होगा। नारेबाजी करने वालों में सत्यप्रकाश सुमन, मनीष मौर्या, सितेश चौधरी, श्रवण, सुमित मिश्रा, सर्वेश यादव, प्रिंस जायसवाल, बृज यादव, मनीष पटेल, सुशील यादव, मनीष सिंह, आर्ची यादव, उषा गुप्ता आदि शामिल रहीं। उधर, समाजवादी छात्रसभा ने सीएम को संबोधित ज्ञापन देकर बीआरडी कॉलेज की भूमि को पीएम आवास के लिए आवंटित करने की साजिश रचने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कॉलेज प्रशासन मुद्दे को लेकर लड़ रहा लड़ाई
प्राचार्य डॉ. कमलापति ने बताया कि इस मामले में उनकी ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती गई। एसडीएम कोर्ट के निर्णय के विरुद्घ कमिश्नर कोर्ट में वाद दाखिल किया गया है। वहां से खारिज होने पर हाईकोर्ट में मामला ले जाएंगे। छात्रसंघ के पदाधिकारी जबरन कॉलेज गेट पर तालाबंदी किए। इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को तत्काल दी गई। छात्र कोई भी ऐसा काम न करें जिससे आमजन को दिक्कत हो। छात्र समझदार हैं और लोकतंत्र में अपने हक की लड़ाई लड़ने का अधिकार उनको भी है। हालांकि कॉलेज की ओर से उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी जाएगी।
कृषि मंत्री के बयान पर राकांपा ने जताया ऐतराज
बीआरडी प्रकरण में कृषि मंत्री के बयान की राकांपा ने निंदा की है। सोमवार को पार्टी के प्रदेश महासचिव संजयदीप कुशवाहा ने कहा कि पूर्वांचल की शान इस कृषि कॉलेज की स्थापना वर्ष 1954 में हुआ। तत्कालीन डीएम व अन्य अधिकारियों ने तब क्या कूटरचित दस्तावेजों की रचना की थी। जिला प्रशासन को इतने वर्षों बाद कैसे जानकारी हुई कि यह जमीन गलत तरीके से कॉलेज को दी गई है। दस्तावेजों को ठीक कराने की बजाय इसे आवास विकास परिषद को सौंप दिया गया। अपने गृह जनपद के इस प्रतिष्ठित संस्थान को जो कृषि विश्वविद्यालय बनने की ओर अग्रसर है, कृषि मंत्री का जिला प्रशासन की कार्रवाई को उचित बताया जाना निंदनीय है। पार्टी इसका विरोध करती है। जमीन का इसी तरह बंदरबांट किया जाता रहा तो पार्टी सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी। आने वाले शीतकालीन सत्र में पार्टी लोकसभा व राज्यसभा के पटल पर इसे प्रश्नगत विषय के रुप में रखेगी।