मईल। न्यू पीएचसी पर इलाज नहीं मिलने से नाराज तीमारदारों ने गुरुवार को हंगामा किया। लोगों का आरोप है कि लाखों की लागत से अस्पताल बनकर तैयार है, लेकिन कोई भी कर्मचारी या डॉक्टर नहीं आते हैं। यहां तैनात फार्मासिस्ट मनमानी तरीके से ड्यूटी करता है। इससे मरीजों को इलाज के लिए भागलपुर या सलेमपुर की अस्पतालों पर जाना पड़ता है।
लाखों की रुपये की लागत से मईल में न्यू पीएचसी का निर्माण हुआ, लेकिन डॉक्टर की तैनाती अस्पताल पर नहीं हुई है। फार्मासिस्ट के भरोसे यहां आने वाले मरीजों का इलाज होता है। बुधवार को सुबह इलाज के लिए दस से अधिक लोग अस्पताल पर पहुंचे। दोपहर तक इंतजार करने के बाद फार्मासिस्ट नहीं पहुंचा तो लोग उग्र हो गए और हंगामा करने लगे। फार्मासिस्ट भी समय से अस्पताल पर नहीं आता है। इसकी वजह से लोगों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय कर भागलपुर या सलेमपुर सरकारी अस्पताल पर जाना पड़ रहा है। कैंपस में बने आवास में कोई कर्मचारी रात को नहीं रुकता है। लोगों ने भागलपुर पीएचसी के अधीक्षक को भी फोन कर इसकी शिकायत की। लोगों का कहना है कि गांवों में स्वास्थ्य सेवा बेहतर करने के लिए सरकार ने अस्पताल का निर्माण कराया है, लेकिन खराब सिस्टम के कारण लोगों को सुविधा नहीं मिल पा रहा है। हंगामा करने वालों में विमला, रामधनी, सरोज, राम अवतार, विनोद, नागेंद्र, गीता, सलोनी, ज्योति, आशीष ने सीएमओ से डॉक्टरों की तैनाती की मांग की है। इस बाबत भागलपुर के प्रभारी डॉ रंजीत कुशवाहा ने बताया कि फार्मासिस्ट रात में इमरजेंसी ड्यूटी में भागलपुर आया था। गुरुवार को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण अस्पताल नहीं गया। डाक्टर की तैनाती के लिए सीएमओ को पत्र भेजा गया है।