देवरिया। डीएम अमित किशोर गुरुवार को अचानक बीएसए कार्यालय धमक पड़े। कार्यालय के प्रवेश द्वार पर लगा चैनल गेट बंद करा दिया और चेकिंग शुरू की। डीएम के निरीक्षण की खबर पाकर कार्यालय में जुटे बाहरी छतों की ओर भागे तो उनके पीछे पहुंचकर डीएम ने सभी को पकड़ लिया। नाम-पता के साथ कार्यालय में आने का कारण पूछा। स्कूल के समय में बीएसए कार्यालय घूम रहे शिक्षकों से जवाब तलब करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। साफ-सफाई व फाइलों के रखरखाव की व्यवस्था पर बेहद खफा डीएम ने बीएसए को कड़े निर्देश दिए। जिला समायोजन से संबंधित फाइल जब्त कर लिया। फर्जी शिक्षकों की पत्रावलियां भी तलब की। इस दौरान अनुपस्थित वित्त अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा।
सुबह करीब 11.25 बजे डीएम के बीएसए दफ्तर पहुंचते ही अफरातफरी मच गई। सीट छोड़कर गायब रहने वाले बाबू और परिसर के बाहर आकर सेटिंग करने वाले चपरासी फौरन अपने पटल पर पहुंच गए। डीएम ने सबसे पहले सारे प्रवेश द्वार बंद करा दिए। इससे जो अंदर आया रहा, परिसर में ही कैद होकर रह गया। उन्होंने कार्यालय पहुंचकर एक-एक पटल के बाबुओं से उनके काम के बारे में पूछताछ की। कई बाबू ने अपने कम्प्यूटर कार्य के लिए बाहरी व्यक्ति की मदद लेते मिले, उनकी डीएम ने जमकर क्लास ली। परिसर में गंदगी और बाहरी लोगों का जमावड़ा नाराज डीएम ने बीएसए को फौरन इस पर रोक लगाने का निर्देश दिया। साथ ही परिसर में चाय की दुकानों का आवंटन नीलामी प्रक्रिया से देने और पार्किंग की सही व्यवस्था करने का निर्देश दिया। डीएम के आने की खबर के बाद कुछ बाहरी लोग कार्यालय के तीसरे मंजिल की छत पर भाग गए।
बीएसए से पूछा, क्यों नहीं हो पा रहा वेरीफिकेशन
निरीक्षण के बाद डीएम ने बीएसए संतोष कुमार देव पांडेय से मई में हुई 12460 शिक्षकों की भर्ती से जुड़ी पत्रावलियों के बारे में पूछा। चार माह बीतने के बाद भी वेरीफिकेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर असंतोष जताया। वेरीफिकेशन में आ रही दिक्कतों के बारे में पूछा। कहा कि इसमें कोई फर्जी शिक्षक तो नहीं हैं। डीएम ने जल्द ही वेरीफिकेशन की प्रक्रिया पूरी कराने का निर्देश दिया।
फर्जी शिक्षकों की तलब की पत्रावलियां
प्रदेश के विभिन्न जिलों में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी कर रहे शिक्षकों पर भी डीएम गंभीर दिखे। बीएसए से इस बारे में जानकारी ली। कब-कब, कितनी भर्तियां हुई हैं और उनके सत्यापन की स्थिति के बारे में जाना। संदिग्ध शिक्षकों से जुड़ी सभी पत्रावली उपलब्ध कराने को कहा। डीएम अमित किशोर ने बताया कि फर्जी शिक्षकों का मामला बेहद गंभीर है। इसकी विस्तृत पड़ताल कराई जाएगी। विभागीय संलिप्तता पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
रौब गांठ रहा था शिक्षक, डीएम के सख्त होते ही जोड़े हाथ
निरीक्षण के दौरान कार्यालय में पहुंचे कई शिक्षक छत की ओर भाग गए। डीएम भी उनका पीछा करते हुए वहां पहुंच गए। वहां आए पथरदेवा के एक शिक्षक को पकड़कर पूछताछ शुरू की तो वह पहले रौब गांठते रहे। छाती चौड़ी करने पर डीएम सख्त हुए तो घिग्घी बंध गई। तुरंत हाथ जोड़ते हुए क्षमा याचना करने लगे। एक अन्य शिक्षक भी कोई जवाब नहीं दे पाए। डीएम ने एक-एक व्यक्ति से उनका नाम, काम, आने का कारण पूछा। इसमें कई बिचौलिए भी शामिल रहे। उन्होंने सभी को पुलिसकर्मियों को सौंप दिया और उनके खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया।
बीएसए कार्यालय में बाहरी दखल से समायोजन में गड़बड़ी और फर्जी शिक्षकों की शिकायत मिल रही थी। इसके मद्देनजर निरीक्षण किया गया है। कुछ पत्रावलियां जब्त की गई है। शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित अन्य रिकॉर्ड भी मांगे गए हैं। कार्यालय में साफ-सफाई व फाइलों का रखरखाव अव्यवस्थित पाया गया है। बाहर दुकानें और पार्किंग को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए हैं। आगे भी निरीक्षण जारी रहेगा।
- अमित किशोर, डीएम देवरिया।