गुरु के चरणों में नवाया शीश, लिया आशीष
विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं संगठनों ने मनाया गुरु पूर्णिमा पर्व
बरहज के विभिन्न आश्रमों पर लगा रहा भक्तों का तांता
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बरहज। जिले के शैक्षणिक संस्थानों, संगठनों एवं आश्रमों में शुक्रवार को गुरु पूर्णिमा पर्व धूमधाम से मनाया गया। भक्तों ने गुरु की विधिवत पूजा कर उनकी कृपा प्राप्त की और आजीवन शिष्य धर्म निभाने का संकल्प लिया। गुरुओं ने भी शिष्यों को आशीर्वाद देकर उनके मंगल की कामना की।
शहर के बालाजी मंदिर में गुरुपूर्णिमा के पावन पर्व पर भक्तों को संबोधित करते हुए जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी राजनारायणाचार्य ने कहा कि गुरु का शिष्य के प्रति बोला गया वाक्य ही वास्तव में शिष्य के लिए महामंत्र है। शिष्य के लिए श्रीगुरुदेव का चरण-कमल ही मोक्ष को प्रदान करने वाला है। सरयूपारीण बाह्मण परिषद की ओर से नागरी प्रचारिणी सभा के सभागार में मां सरस्वती के चित्र पर उपस्थित गुरुओं ने माल्यार्पण किया। इसके बाद पूर्व सांसद श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी, गिरिजा त्रिपाठी, रामप्यारे मिश्र, पं.हरिनारायण त्रिपाठी का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन किया गया। वेद स्वाध्याय केंद्र ग्राम चक सराय सोनूघाट में मनोहर जोशी के नेतृत्व में वैदिक विधि से गुरु पूर्णिमा मनाई गई। बरहज के श्री अनंत महाप्रभु आश्रम पर महाप्रभु और बाबा राघव दास, सत्यव्रत जी महाराज, राजाराम शरण, चंद्रदेव जी शरण और सत्यदेव शरण जी का पूजन-वंदन किया गया। पीठाधीश्वर आंजनेय दास ने वैदिक मंत्रों के बीच पूजा-अर्चन के बाद प्रसाद वितरण किया। गुरुनानक देव के बड़े पुत्र चंद्रदेव जी महाराज की ओर से स्थापित चार सौ साल पुरानी संगत पीठ पर उदासीन संप्रदाय के पीठाधीश्वर परमेश्वर दास, सूरदास की कुटी आदि जगहों पर हर्षोल्लास के साथ पर्व मनाया गया।