जिला अस्पताल में इलाज के लिए उमडे मरीज।
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देवरिया। अचानक मौसम तल्ख होने से उल्टी-दस्त और पेट दर्द के मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। लगन और खेती किसानी की व्यस्तता के बावजूद जिला अस्पताल में एक हजार से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। लेकिन ओपीडी में तय वक्त से डॉक्टरों के नहीं बैठने से मरीजों परेशानी हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी सुबह आठ बजे से शुरू होती है। तय समय पर डॉक्टर नहीं पहुंचते हैं। इसके चलते इलाज के लिए आए रोगियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। बृहस्पतिवार को ओपीडी में सिर्फ डॉ. एचके मिश्रा, डॉ. अनूप श्रीवास्तव, डॉ. कार्तिकेय पांडेय, डॉ. सौरभ द्विवेदी, आकाश पांडेय, पीएन कन्नौजिया मौजूद रहे। जबकि डॉ. आरके श्रीवास्तव, डॉ. एएम वर्मा, डॉ. रामशकल यादव, डॉ. डीके सिंह नहीं थे। डॉक्टरों की संख्या कम और वार्डों में राउंड पर रहने के कारण डॉक्टर 11 बजे ओपीडी में डॉक्टर बैठे। खोरीबारी रामपुर से आए श्रीनिवास सिंह ने बताया कि नौ बजे से रजिस्ट्रेशन कराकर बैठा हूं लेकिन एक बजे तक नंबर नहीं आया है। रामनाथ देवरिया की सीमा चौराहा, भुजौली के जगदीश लाल श्रीवास्तव, बनुआडीह के सुनील ने बताया कि ओपीडी में समय से डॉक्टर नहीं बैठ रहे हैं। इस कारण मरीजों को परेशानी हो रही है। सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने बताया कि बच्चों के तीन डॉक्टर प्रशिक्षण के लिए एसपीजीआई गए हैं। एक डॉक्टर छुट्टी पर हैं और डॉ. एमएम वर्मा की जेल में ड्यूटी लगी थी। इस कारण ओपीडी समय से नहीं शुरू हुई।
अस्पताल से गायब रहते हैं दोनों सर्जन
जिला अस्पताल के सर्जन राजेश कुमार और अजय शाही अक्सर गायब रहते हैं। इस कारण मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में ऑपरेशन या इससे जुड़ी बीमारी के इलाज के लिए जाना पड़ता है। इसकी शिकायत भी कई बार विभागीय अधिकारियों तक पहुंच चुका है। बावजूद इसके दोनों डॉक्टरों की कार्यशैली में सुधार नहीं हो रहा है।
ओपीडी में आए मरीज
बृहस्पतिवार को 1240
बुधवार को 1300
मंगलवार को 1866
सोमवार को 1696