बरहज। हरनहीं गांव में दस दिन पहले पुराने घर से एलकेजी का छात्र संदिग्ध परिस्थिति में गायब हो गया था। उसी रात से शक के आधार पर पुलिस चचेरे भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही थी। पूछताछ में उसने कपरवार के उग्रसेन सेतु से उसे नदी में फेंकने की बात स्वीकार की है। शुक्रवार को पुलिस ने उसे जेल भेज दिया।
मदनपुर थाना के हरनहीं गांव निवासी जितेंद्र चौबे का सात वर्षीय पुत्र बादल 19 सितंबर की शाम छोटे भाई के साथ पुराने घर पर खेलने गया था। इस दौरान बादल गायब हो गया। उसके छोटे भाई को लेकर दादी नवनिर्मित मकान पर गईं। वहां पर बादल को न देख लोग उसकी तलाश करने लगे। बालक का पता नहीं लगने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले में चचेरे भाई गोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही थी। पुलिस सूत्रों की मानें तो गोपी बालक को बाइक से खुदियां गांव के रास्ते कपरवार पुल पर ले गया और उसे नदी में फेंक दिया। बालक का शव बरामद नहीं हो सका है। जबकि शुक्रवार की सुबह गोपी शौच के बहाने पुलिस को चकमा देकर भागने लगा। पुलिस ने उसे पकड़ लिया। थानेदार अनिल सिंह ने बताया कि पूछताछ में गोपी ने नदी में फेंकने की बात कबूल किया है। उसे 364 ए के तहत जेल भेज दिया गया है।