देवरिया। एफसीआई गोदाम के बाहर कई दिनों गेहूं लेकर खड़ी ट्रकों को खाली कराना चुनौती बन गया है। रविवार को पहले ट्रक खाली कराने को लेकर भाटपाररानी एसएमआई और एफसीआई के डिपो मैनेजर के बीच सोंदा गोदाम पर तकरार हुई। इसकी वजह बनाए गए रोस्टर का फेल होना बताया जा रहा है।
एफसीआई का रघवापुर गोदाम भर जाने के कारण क्रय केंद्र प्रभारी उसरा बाजार और सोंदा एफसीआई गोदाम पर गेहूं भेज रहे हैं। भारतीय खाद्य निगम की ओर से जो रोस्टर तय किया गया है कि उसके हिसाब से एक दिन में दोनों गोदामों पर 50 गाड़ियों को खाली किया जा सकता है। रोस्टर को दरकिनार को गेहूं लेकर पहुंच रहे ट्रकें खाली नहीं हो पा रही हैं। चार से पांच दिन हाल्टेज में खड़ी रह रही हैं, इसका खामियाजा क्रय केंद्र प्रभारियों को भुगतना पड़ रहा है। भाटपाररानी एसएमआई क्रय केंद्र से गेहूं लेकर आया एक ट्रक दो दिनों खड़ा था, जबकि कतार में इसके पहले से अन्य ट्रकें लगी थी। सोंदा गोदाम पर भाटपाररानी एसएमआई पहुंचे और डिपो मैनेजर से पहले ट्रक को खाली कराने का दबाव बनाने लगे। डिपो मैनेजर ने नंबर से ट्रकों को खाली करने की बात कही जो उन्हें नागवार लगा और इसी बात को लेकर दोनों में नोंकझोंक हुई। इस कारण करीब तीन घंटे तक ट्रकों को खाली करने का काम प्रभावित रहा। इसका विरोध क्रय केंद्र प्रभारियों ने भी किया। मामला बढ़ता देख एसएमआई चले गए। इस बाबत एफसीआई के डिपो मैनेजर विजय शंकर चौबे ने कहा कि डिप्टी आरएमओ को रोस्टर के हिसाब से ट्रकों को भेजने के लिए दो बार पत्र लिखा जा चुका है। बावजूद इसका पालन नहीं कराया जा रहा है, जिससे ट्रकों को खाली करने में वक्त लग रहा है। तीन दिन तक ट्रकों को गेहूं लेकर नहीं भेजने के लिए पत्र लिखा हूं, ताकि व्यवस्था सामान्य हो सके। बिना नंबर लगाए ट्रक खाली कराने के लिए एसएमआई दबाव बना रहे थे, मैने मना कर दिया।
मोदी को सुनने चले गए मजदूर
दबाव को देखते हुए शनिवार और रविवार को छुट्टी के दिन भी ट्रकों को खाली कराया जा रहा है। रुद्रपुर में प्रधानमंत्री का कार्यक्रम होने में मजदूर चले गए। इसकी वजह से ट्रकों को खाली करने का कार्य दोपहर में ठप रहा है।