देवरिया। स्वास्थ्य महकमे के कर्मचारी सुधरने का नाम नहीं ले रहे। सीएमओ के औचक निरीक्षण में इसकी पोल खुल रही है। मंगलवार को सीएमओ के निरीक्षण में न्यू पीएचसी खामपार में ताला बंद मिला। भटनी, जसुई, भाटपाररानी और भिंगारी बाजार में 50 से अधिक डॉक्टर और कर्मचारी ड्यूटी से गायब मिले। जमीनी हकीकत देख सीएमओ दंग रह गए। लापरवाह कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है।
भटनी पीएचसी पर सुबह 8.27 बजे सीएमओ अचानक पहुंच गए। अस्पताल पर इलाज के लिए मरीज आए थे, लेकिन डॉक्टर और कर्मचारी नदारद रहे। इसके अलावा स्टॉफ नर्स रीना, एसटीएस सद्दाम हुसैन, पीएमडब्लू श्याम नारायण कुशवाहा, डॉ. प्रमिला सिंह, एएनएम सुमन तिवारी, कुसमा देवी, संगम सिंह, अजय कुमार, देवेंद्र कुमार गौतम, एलटी पूर्णमासी, नेत्र परीक्षक डीके पांडेय, फार्मासिस्ट रामकृष्ण, संतोष कुमार, बीएचडब्लू प्रमोद मिश्र, एलटी विजय कुमार, अजय यादव, प्रिया अनुपस्थित रहीं। अजय कुमार, विजय कुमार और प्रिया का कई दिनों से हस्ताक्षर भी नहीं बना था। सुबह 9.04 बजे भिंगारी पीएचसी पर सीएमओ का वाहन पहुंचा तो अस्पताल पर सन्नाटा था। प्रभुनाथ प्रसाद, बिजुली देवी, अजय गुप्ता, डॉ. जयप्रकाश ड्यूटी से गैर हाजिर रहे। 9.15 बजे तक खामपार पीएचसी का ताला नहीं खुला था। 9.22 बजे जसुई सीएचसी पर सीएमओ पहुंचे। अस्पताल के अंदर और बाहर गंदगी फैली थी। डॉ. दुर्गादत्त पांडेय, डॉ. आफताब शाह, सुधांशु तिवारी, दिग्विजय नाथ तिवारी, एसटीएस प्रिंस सिंह, नेत्र परीक्षक राधेश्याम शर्मा, स्टॉफ नर्स उमा सिंह, कुसुम देवी, रामसेवक चौरसिया, विजय ड्यूटी पर नहीं थे। आस-पास के लोगों ने बताया कि डॉक्टर और कर्मचारी बहुत कम आते हैं। भाटपाररानी पीएचसी पर कंचन लता, दीपक सैनी, ममता शर्मा, राजेंद्र प्रसाद, रमा तिवारी, दीपिका गौड़, शांति देवी, जयप्रकाश शुक्ला कई दिनों से अनुपस्थित चल रहे हैं। सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार ने बताया कि ड्यूटी से गैर हाजिर कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। भटनी पीएचसी पर सर्वाधिक कर्मचारी अनुपस्थित मिले।