नोट बंदी के खिलाफ सिविल लाइन पर प्रदर्शन करते कांग्रेसी।
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया। नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को काला दिवस मनाया। टाउनहॉल स्थित पार्टी कार्यालय से जुलूस निकालते हुए कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए मोदी सरकार से नोटबंदी पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।
पार्टी कार्यालय पर हुई बैठक में जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह राकेश ने कहा कि आठ नवंबर 2016 की रात प्रधानमंत्री ने आतंकवादी वित्तपोषण की संभावनाएं, काले धन और फर्जी मुद्रा को खत्म करने के लिए नाटकीय ढंग से नोटबंदी की। मोदी सरकार के इस जनविरोधी फैसले से आम जनता को अपनी पुरानी मुद्रा को बदलने में काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। मुद्रा बदलने की जद्दोजहद में करीब 200 लोग मौत के शिकार हुए। कई सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम समाप्त हो गए। कुटीर व छोटे सेक्टर को मिटा दिया। दैनिक मजदूरी करने वालों को रोजी-रोटी से हाथ धोना पड़ा। पूरा देश जानना चाहता है कि आखिर नोटबंदी से क्या लाभ हुआ। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण आज भारतीय अर्थव्यवस्था में गिरावट आई है। एनपीए बढ़ता जा रहा है। रिजर्व बैंक असहाय बना हुआ है। वर्ष 2019 के चुनाव में देश की जनता इसका सबक सिखाएगी। ज्ञापन के जरिए कांग्रेसियों ने नोटबंदी की स्वतंत्र न्यायिक आयोग से जांच कराने, नोटबंदी के दौरान जान गंवाने वालों को आर्थिक सहायता दिलाने, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तेल के मूल्यों में गिरावट के बावजूद डीजल-पेट्रोल की कीमतों में लगातार वृद्धि पर रोक लगाने और नोटबंदी पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। विरोध प्रदर्शन में पूर्व जिलाध्यक्ष सुयश मणि त्रिपाठी, विस्मल्लाह लारी, वरुण राय, धर्मेंद्र सिंह, विजय शंकर मिश्र, उत्तेज नारायण मिश्र, ऋषिकेश मिश्र, भागीरथी प्रसाद, रामजी गिरी, दीनानाथ भारती, डॉ. धर्मेंद्र पांडेय, जयप्रकाश पाल, दीनदयाल प्रसाद, सौरभ मिश्र, जवाहर लाल चौहान आदि मौजूद रहे।