बरहज। भारत माला परियोजना अंतर्गत रामजानकी मार्ग पर फोरलेन कार्य के लिए शासन से मंजूरी मिल गई है। विभाग ने कपरवार स्थित उग्रसेन सेतु के बगल में एक और नए पुल निर्माण के लिए स्वायल टेस्टिंग का कार्य भी शुरू कर दिया है। इस पुल के बनने से प्रस्तावित नए मार्ग पर एक साथ चार बड़े वाहन फर्राटा भर सकेंगे।
बड़हलगंज और भागलपुर के रास्ते जनकपुर को जोड़ने वाले रामजानकी मार्ग पर उग्रसेन सेतु का निर्माण कराया गया था। यह सेतु बरहज, पैना के रास्ते होता हुआ जनकपुर तक जाता है। छोटे-बड़े वाहनों की हमेशा आवाजाही से मार्ग हमेशा व्यस्त रहता है। सरकार ने ऐतिहासिक मार्ग को फोरलेन में परिवर्तित कराने का प्रस्ताव किया था, जिसे मंजूरी मिल गई है। इसके तहत उग्रसेन सेतु से 20 मीटर उत्तरी छोर पर नवीन पुल का निर्माण किया जाना है। इसके लिए अभियंताओं की टीम ने बरहज पहुंचकर स्वायल टेस्टिंग का कार्य शुरू कर दिया है। साइट सुपरवाइजर जयवीर सिंह ने बताया कि चार माह का प्रोजेक्ट है। इसके अंतर्गत दिसंबर तक टेस्टिंग का कार्य पूरा कराकर रिपोर्ट शासन को भेज दिया जाएगा। फिलहाल एक पाए का स्वायल टेस्ट के लिए मिट्टी निकाल कर दिल्ली लैब को भेजा गया है। मिट्टी की प्रकृति के आधार पर ही निर्माण कार्य की स्थिति तय होगी।
15 पिलर पर बना है उग्रसेन पुल
80 के दशक में सरकार ने सोशलिस्ट पार्टी के विधायक रहे उग्रसेन सिंह के नाम पर पुल का निर्माण कराया था। यह 15 पिलर पर बना है। पुल निर्माण से देवरिया, गोरखपुर जनपद के अलावा बनारस और आजमगढ़ की दूरी में कमी आई है। रामजानकी मार्ग व्यावसायिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इसके फोरलेन में तब्दील होने से अयोध्या, सीवान, जनकपुर की दूरी और समय में काफी अंतर आएगा।