आवासीय भवनों पर लगेगा दो रुपये विकास शुल्क
डीएम ने घटाई दरें, व्यावसायिक भवनों के लिए चार रुपये निर्धारित
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। शहर वासियों का विरोध कामयाब रहा है। शहरी क्षेत्र में नक्शा पास कराने पर लगने वाला विकास शुल्क की दरें घटा दी गई है। अब आवासीय भवनों पर दो रुपये प्रति वर्ग मीटर और व्यावसायिक भवनों के लिए चार रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से विकास शुल्क लिया जाएगा। हालांकि यह दर भी पूर्व के सापेक्ष दोगुना है। पहले एक रुपये प्रति वर्ग फीट की दरें विकास शुल्क के रुप में निर्धारित थी।
शहरी क्षेत्र में भवन नक्शा पास करने पर लगने वाला विकास शुल्क 25 अगस्त को डीएम ने 37.17 रुपये प्रति वर्ग फीट कर दी थी। इसके बाद इसका चौतरफा विरोध शुरू हो गया था। अधिवक्ताओं ने हड़ताल शुरू कर दी थी, जबकि विभिन्न संगठनों ने ज्ञापन देकर इसे कम करने की मांग की थी। विनियमित क्षेत्र प्राधिकारी की बैठक में इसे कम करने पर सहमति बनी है। नई दरों के अनुसार आवासीय निर्माण के लिए दो रुपये प्रति वर्ग फीट व गैर आवासीय निर्माण के लिए चार रुपये प्रति वर्ग फीट की दर निर्धारित की है। इन दरों को 15 सितंबर से प्रभावी किया गया है।
शुल्क घटाने पर खुशी, डीएम के रुख पर नाराजगी
देवरिया। दी कलेक्ट्रेट सेंट्रल बार एसोसिएशन की बैठक मंगलवार को अधिवक्ता कक्ष में हुई। इसमें शहरी क्षेत्र में भवन मानचित्र स्वीकृत के बदले लिए जाने वाले विकास शुल्क की दरें घटाने पर संतोष जताया गया। हालांकि अधिवक्ताओं के प्रस्ताव की अनदेखी कर राजनीतिक दलों की बात को प्रमुखता देने पर नाराजगी जताते हुए 19 सितंबर को डीएम कोर्ट के बहिष्कार का निर्णय लिया गया। बैठक में अध्यक्ष रामनगीना यादव ने कहा कि विकास शुल्क में वृद्धि का मामला सबसे पहले कलेक्ट्रेट बार ने उठाया था। डीएम से मिलकर इसे घटाने की मांग की थी। करीब 15 दिनों से न्यायिक कार्य से विरत रहकर विरोध भी जताते आ रहे हैं। विकास शुल्क की दरों को कम तो किया गया, लेकिन इसके लिए सदर विधायक जन्मेजय सिंह व भवन मानचित्र संघ की आपत्ति को कारण माना गया है। इससे साफ जाहिर है कि जिला प्रशासन के लिए अधिवक्ताओं की हड़ताल को कोई मतलब नहीं है। अधिवक्ताओं की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके विरोध में संघ ने सर्वसम्मति से 19 सितंबर को डीएम कोर्ट के बहिष्कार का निर्णय लिया। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह, सचिव राकेश मिश्र, बृजेश सिंह, संत शरण तिवारी, उमापति, इम्तियाज अहमद, रमेश चंद्र पांडेय, राणाप्रताप सिंह, अखिलेश चंद्र राव आदि मौजूद रहे। उधर, जिला कलेक्ट्रेट बार ने भी बैठक कर विकास शुल्क में कमी के फैसले को सराहा और हड़ताल वापस लेने पर सहमति जताई।