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बजी निकाय चुनाव घंटी, सक्रिय हुए दावेदार

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सुधीर श्रीवास्तव
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देवरिया। निकाय चुनाव का बिगुल बजते ही राजनीतिक दलों में सरगर्मियां बढ़ गई हैं। देवरिया में दूसरे चरण में 26 नवंबर को वोट पड़ेंगे। ऐसे में दावेदारों के दिलों की धड़कनें बढ़ गई हैं। छठ पर दावेदारों ने जिस तरह सक्रियता दिखाई, उससे आभास होता है कि इस बार का निकाय चुनाव काफी रोचक होगा। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद के सबसे अधिक दावेदार भाजपा में दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में प्रत्याशी के नाम की घोषणा होते ही भाजपा में बगावत होने के आसार भी बनेंगे।
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जिले में दो नगर पालिका परिषद और नौ नगर पंचायत हैं। बरहज और देवरिया नगर पालिका परिषद हैं तो रुद्रपुर, सलेमपुर और भाटपाररानी जैसी बड़ी तहसील में नगर पंचायत है। देवरिया नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए भाजपा से 25 से अधिक दावेदारों ने उम्मीदवारी पेश की है। ऐसे में भाजपा के सामने बड़ा संकट है। यही वजह है कि दावेदारों को दौड़ से बाहर करने के लिए नाना प्रकार के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। सपा और कांग्रेस वेट एंड वॉच के मूड में हैं। यही वजह है कि दोनों पार्टियों में निकाय चुनाव को लेकर ज्यादा सरगर्मी नहीं दिख रही है। राजनैतिक जानकार बताते हैं कि दोनों पार्टियां यह चाहती हैं कि पहले भाजपा उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दे ताकि वे ऐसी चाल चलें कि भाजपा को रणनीति बदलने में वक्त लग जाए। सूत्र तो यह भी बताते हैं कि भाजपा में अध्यक्ष पद के लिए टिकट का आवेदन करने वाले कुछ दावेदार दूसरी पार्टियों में भी संभावनाएं तलाश रहे हैं। ताकि भाजपा से लाल झंडी मिलते ही वे दूसरे दल से टिकट लेकर मैदान में ताल ठोक सकें। बसपा भी निकाय चुनाव में खोए जनाधार को हासिल करने के लिए पूरी दमखम से रणनीति बना रही है। इसके अलावा आम आदमी पार्टी, भारतीय समाज पार्टी, पीस पार्टी समेत छोटी पार्टियां भी मैदान में कूदेंगी। ये जीत हासिल कर पाएं न कर पाएं, लेकिन जातीय समीकरण का ऐसा कार्ड खेलेंगी जिससे कइयों के खेल बिगड़ सकते हैं।
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