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जलस्तर का रफ्तार यही रहा तो मचेगी भीषण तबाही

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रुद्रपुर। दोआबा और कछार के 116 गांव में बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है। कछार की दोनों नदियों राप्ती और गोर्रा के खतरे का निशान पार कर जाने से करीब तीन लाख आबादी पर बाढ़ का संकट बना हुआ है। शुक्रवार को गोर्रा का जलस्तर लाल निशान से 70 सेमी ऊपर पहुंच गया। राप्ती नदी भी खतरे के निशान को पार कर चुकी है। सिंचाई विभाग को बांध बचाना मुश्किल हो गया है। गोर्रा पर बना शीतलमांझा-जोगिया बांध पांच मीटर कट चुका है।
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नदियों का जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो रुद्रपुर में भीषण तबाही मचना तय माना जा रहा है। राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 20 सेमी ऊपर पहुंच गया है, वहीं गोर्रा नदी खतरे के निशान 70.50 से 70 सेमी ऊपर बह रही है। राप्ती नदी करहकोल, तिघरा, भेड़ी, नीबा, मांझा नरायन, हड़हा गांव के पास तिघरा मराछी बांध पर तेजी से कटान कर रही है। दो दिन से गोर्रा रौद्र रूप में नजर आ रही है। भीमसेन मांझा गांव के समीप तीन दिन से हो रहा कटान बेकाबू होता जा रहा है। यहां नदी ने पांच मीटर बांध को नुकसान पहुंचाया है। शीतल मांझा जोगिया बांध कटा तो 64 गांवों में भीषण तबाही मचेगा। गोर्रा नदी पिड़री के पास भी तेज कटान कर रही है।
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