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तत्काल ऑक्सीजन वर्करों का भुगतार करों

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देवरिया। मेडिकल कॉलेज में मासूमों की मौत के बाद भी पुष्पा सेल्स पर अफसरों की मेहरबानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। जिला अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई का ठेका भी इसी कंपनी का है। पांच माह से वर्करों को मानदेय नहीं मिला है। प्लांट इंचार्ज आलोक ने बताया कि पांच वर्कर काम कर रहे हैं। पांच माह से मानदेय नहीं मिला है। इससे आर्थिक तंगी है। कभी भी हम लोग काम छोड़ सकते हैं। इनके काम छोड़ने से जिला अस्पताल में भर्ती मासूम व अन्य रोगियों की सांसें थम सकती हैं। कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने इसे गंभीरता से लेते हुए औषधि भंडार के निरीक्षण के दौरान सीएमएस और सीएमओ से वजह पूछा। इसी बीच डीएम सुजीत कुमार पहुंच गए और शासन में इसके लिए वार्ता होने की बात कही। कैबिनेट मंत्री ने अफसरों की नीयत को समझ गए और बोले लापरवाही ठीक नहीं है। जल्द वर्करों को भुगतान कराओ।
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चकाचक हो गया अस्पताल
देवरिया। कैबिनेट मंत्री और डीएम के पहुंचते ही जिला अस्पताल में हलचल मच गई। आनन-फानन में वर्न वार्ड, महिला वार्ड और अन्य वार्डों को चकाचक कर दिया गया। बेड पर मैला चादर बदल दिए गए। रोगियों का कहना कि मंत्री को दिखाने के लिए ऐसा किया गया। बेड का चादर तो कई दिनों पर बदला जाता है। वहीं कई डॉक्टर वार्डों में रोगियों से मिलते और दवा लिखते हुए दिखे जो ड्यूटी पर नहीं आते हैं। पूछने पर कर्मचारियों ने बताया कि फला डॉक्टर हैं। इनकी पहुंच ऊपर तक है। इसके चलते कभी ड्यूटी पर नहीं आते।

एसओ गुंडों को दे रहा शह
देवरिया। हिस्ट्रीशीटर की पिटाई से घायल बेड पर पड़े चेयरमैन ने कैबिनेट मंत्री से भटनी एसओ की शिकायत की। उन्होंने कहा कि वह गुंडों को शह दे रहा है। हिस्ट्रीशीटर ने मारपीट कर मुझे घायल कर दिया और पुलिस के सामने फायरिंग भी की। धरना-प्रदर्शन के बाद मुकदमा लिखा गया। अभी तक बदमाश गिरफ्तार नहीं हो सका है।
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