रुद्रपुर। शासन के निर्देश पर राशन कार्डों के सत्यापन की जांच प्रक्रिया रफ्तार नहीं पकड़ रही। डीएम की ओर से निर्धारित डेडलाइन बीतने के बाद भी जांच अधूरी है। रुद्रपुर क्षेत्र में 129 दुकानों में महज 15 दुकानों के राशन कार्डों का सत्यापन हो पाया है। राशन कार्डधारकों की पात्रता को लेकर हो रही जांच से जिम्मेदार कतरा रहे है, तो कुछ जगहों पर कोटेदार के घर पर बैठ कर राशन कार्डों का सत्यापन हो रहा है।
प्रदेश सरकार ने पात्र गृहस्थी कार्ड और अंतोदय कार्डधारकों की पात्रता की जांच का निर्देश दिया है। जिसको लेकर दो मई को डीएम ने तीन जुलाई तक जांच रिपोर्ट देने को कहा। जांच के लिए गांवों में सेक्रेट्री और नगर में नगर पंचायत के कर्मचारी जांच कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के 116 दुकानों पर 27,214 पात्र गृहस्थी और 8103 अंतोदय कार्डधारक है। नगर के 16 दुकानों पर 4062 पात्र गृहस्थी और 753 अंतोदय कार्डधारक है। कई जगहों पर जांच करने पहुंच जांच अधिकारी प्रधान और कोटेदार के घर बैठकर ही सत्यापन कर दिए। पूर्व में जांच कर पात्र बता चुके लोगों को अब वहीं अधिकारी अपात्र घोषित करने से कतरा रहे हैं। ताकि उनकी लापरवाही खुलकर सामने न आने पाए। नगर के वार्डों में जांच करने जा रहे नगर पंचायत के कर्मचारी कोटेदार के घर बैठ कर राशन कार्डों का सत्यापन कर रहे है। ऐसे तय समय सीमा बीतने के बाद भी जांच अधूरी रह गई। भाजपा नेता अरविंद शुक्ला, संजीव गुप्ता, सुनील गुप्त ने कहा कि सत्यापन के नाम पर सिर्फ खानापूरी की जा रही है। कोटेदार के घर बैठ कर जांच अधिकारी फर्जी सत्यापन कर रहे हैं। इस बाबत पूर्ति निरीक्षक युगल किशोर ने कहा कि राशन कार्डों के सत्यापन में लापरवाही सामने आई है। डीएम के निर्देश पर जांच जारी है।