देवरिया। साइकिल छोड़ने के एवज में 200 रुपये की मांग करने वाले सिपाही को एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया। खादी को बदनाम करने वाले सिपाही पर आरोप की पुष्टि हुई है। एएसपी की जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई हुई। ‘साइकिल छुड़वाने में भाजपाइयों के छूट गए पसीने’ शीर्षक से ‘अमर उजाला’ ने सिपाही की करतूत को प्रमुखता से प्रकाशित की थी। सिपाही ने जिस तरह भाजपाइयों की फजीहत की, उस पर पार्टी के बड़े नेताओं ने चुप्पी साधना ही बेहतर समझा।
रामपुर कारखाना, बरवामीर छापर के रामअशीष कुशवाहा भाजपा देसही ब्लॉक के पूर्व मंडल अध्यक्ष हैं। उनका बेटा बरवामीर छापर चौराहे पर साइकिल भूल गया था। साइकिल को पिकेट पर तैनात सिपाही अमला यादव ने चौकी पर रख लिया था। साइकिल छुड़ाने के लिए रामअशीष, वर्तमान मंडल अध्यक्ष विजय श्रीवास्तव ने सिपाही से सिफारिश की। साइकिल छोड़ने के एवज में सिपाही अमला यादव ने 200 रुपये की मांग की थी। संगठन के कई पदाधिकारियों जोर आजमाइश में फेल हो गए। प्रभारी एसओ तक साइकिल नहीं छुड़वा पाए। सीओ सिटी अजय सिंह की फटकार के बाद सिपाही ने साइकिल लौटा दी। एसपी राजीव मल्होत्रा ने मामले की जांच एएसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा को सौंप दिया। भाजयुमो के नवीन सिंह ने सिपाही पर कार्रवाई की मांग की थी। रविवार रात नौ बजे के करीब एसपी ने सिपाही अमला यादव को लाइन हाजिर कर दिया।