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आठ पुलिसकर्मियों समेत 109 की रिपोर्ट आई पॉजिटिव

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डीएम ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। - फोटो : DEORIA
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आठ पुलिसकर्मियों समेत 109 की रिपोर्ट आई पॉजिटिव
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एक स्वास्थ्यकर्मी और पांच राजस्वकर्मी शामिल, संक्रमितों की संख्या पहुंची 3353
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया/भाटपाररानी। जागरूकता के बाद भी लोग कोरोना से बचाव में लापरवाही बरत रहे हैं। सोमवार को 109 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इनमें स्वास्थ्यकर्मी, पुलिसकर्मी के अलावा भाटपाररानी तहसील के पांच राजस्वकर्मी शामिल हैं। भाटपाररानी तहसील को सील कर दिया गया है। जिले में संक्रमितों की संख्या 3353 हो गई है। जबकि 26 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है।
भाटपाररानी तहसील में तैनात पांच राजस्वकर्मियों और दो अधिवक्ताओं की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसकी जानकारी होते ही कर्मचारियों और अधिवक्ताओं में खलबली मच गई। सोमवार को तहसील सील कराकर सैनिटाइज कराया गया। पुलिस लाइंस के दो सिपाहियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। गढ़वा खास गांव के दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। गौरीबाजार सीएचसी पर तैनात एक स्वास्थ्यकर्मी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सोमनाथ नगर के एक युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पुलिस लाइंस के आठ पुलिसकर्मियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि बिना लक्षण वाले संक्रमितों को होम आइसोलेशन कर दवा उपलब्ध कराई गई है।
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डीएम पहुंचे जिला अस्पताल, एल-टू अस्पताल का किया निरीक्षण
देवरिया। जिला अस्पताल में बनाए गए दस बेड के एल-टू अस्पताल का निरीक्षण डीएम अमित किशोर ने सोमवार को किया। वार्ड का एक फाटक खुला देखकर नाराजगी जाहिर की और सीएमएस से फाटक को बंद कराने के निर्देश दिए।
लक्षण वाले मरीजों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में दस बेड का एल-टू अस्पताल बनाया गया है। दस संक्रमित भर्ती किए गए हैं। दोपहर में डीएम पहुंचे यहां भर्ती मरीजों के बारे में सीएमएस डॉ. छोटेलाल से जानकारी ली। एल-टू में मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर से भी फोन पर बात कर जानकारी ली। एल-टू अस्पताल के पीछे का फाटक खुला था। यह देखकर डीएम नाराज हुए और बोले कि अभी कोई संक्रमित निकलकर कहीं चला जाए या भाग जाए तो कौन जिम्मेदार होगा। इस फाटक को स्थायी रूप से बंद कराया जाए।
उधर, कोरोना काल में लोगों से सतर्कता के लिए डीएम अमित किशोर ने अपील की है। उन्होंने कहा है कि कोविड-19 महामारी के संक्रमण से बचाव के लिए प्रावधानित नियमों, एहतियातों एवं उपायों को अमल में लाया जाना चाहिए। सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क का प्रयोग एवं चिकित्सकों की ओर से दिए गए सुझाव को अपनाकर ही बचाव संभव है।
कोरोना पॉजिटिव की सूचना कंट्रोल रूम को दें
देवरिया। डीएम अमित किशोर ने बताया कि कलक्ट्रेट में इस बीमारी के नियंत्रण के लिए एकीकृत कोविड कमांड व कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गई है। यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहती है। इसमें शिफ्टवार अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कोरोना संक्रमित मिलने या कोई पॉजिटिव हो तो कंट्रोल नंबर के 05568-222505, 05568-220926 तथा 05568-222261 पर दें।
होम आइसोलेशन के मरीजों के लिये ‘हेलो डाक्टर’ सेवा उपलब्ध
देवरिया। डीएम अमित किशोर ने बताया कि जो संक्रमित होम आइसोलेशन में हैं तथा वे चिकित्सकों से दवा आदि की जानकारी करना चाहता है, उसके लिए हेलो डॉक्टर सेवा भी संचालित है। मरीज दूरभाष नंबर 05568-222308 पर संपर्क कर सकते हैं।
आईवरमेक्टिन टेबलेट का सभी करें प्रयोग : सीएमओ
देवरिया। कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए आईवरमेक्टिन टेबलेट का प्रयोग सभी व्यक्तियों को चिकित्सकों की ओर से परामर्श के रूप में अनिवार्य किया गया है। सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने ये निर्देश दिए हैं। बडे़ व्यक्ति इस टेबलेट की 12 एमजी का एवं बच्चों को 6 एमजी की टेबलेट रात में खाना खाने के दो घंटे बाद लेना होगा। उसके बाद सातवें दिन एवं उसके बाद 30 दिन पर लेना होगा। यह दवा सभी मेडिकल स्टोर पर भी उपलब्ध है।
भागलपुर और न्यू रेवली पीएचसी दो दिन के लिए सील
भागलपुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भागलपुर के स्टाफ नर्स व रेवली न्यू पीएचसी में कार्यरत एएनएम के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने से दोनों अस्पतालों को 48 घंटे के लिए सील कर दिया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ नर्स व न्यू पीएचसी एएनएम सोमवार को सुबह ड्यूटी पर आए और प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रंजीत कुशवाहा से बीती रात से गले में खरास, बुखार आने की बात कही। डॉक्टर ने उन्हें एन्टीजन किट से दो बार जांच कराई तो दोनों स्वास्थ्यकर्मी दोनों बार पॉजिटिव पाए गए। दोनों को दवा देकर होम क्वारंटीन के लिए घर भेज दिया गया। प्रभारी डॉ. रंजीत कुशवाहा ने बताया कि पॉजिटिव दोनों स्वास्थ्य कर्मियों को दवा देकर होम क्वारंटीन करा दिया गया है। 48 घंटे तक अस्पताल सील रहेगा।
ई-संजीवनी ओपीडी पर मरीजों को घर बैठे मिल रहा इलाज
एप के जरिए मरीज संबंधित चिकित्सक से वीडियो कॉल पर भी ले सकते हैं परामर्श
सोमवार से शनिवार तक रोजाना सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मिलेंगे डॉक्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना वायरस से सुरक्षित रखते हुए सामान्य मरीजों को घर बैठे चिकित्सकीय परामर्श मिलेगा। इसके लिए शासन ने सी-डैक की सहायता से ‘ई-संजीवनी ओपीडी’ नाम से एप तैयार किया है। इस पर मरीज टेलीमेडिसिन की सुविधा की तरह समस्या बताकर ई-ओपीडी की तर्ज पर उपचार लेंगे। एप के जरिए मरीज संबंधित चिकित्सक से वीडियो कॉल पर भी परामर्श ले सकते हैं।
कोरोना काल में ओपीडी बंद होने के कारण सामान्य लोगों को इलाज में असुविधा हो रही है। एप की मदद से ऐसे लोग भी इलाज करा सकते हैं। गूगल प्ले स्टोर पर एप नि:शुल्क उपलब्ध है। सिंगही निवासी मनोज दुबे ने बताया एक सप्ताह पूर्व वह बुखार और दर्द से पीड़ित थे। ई-संजीवनी ओपीडी एप के माध्यम से डॉक्टर से परामर्श किया और अपनी समस्या बताए। एप के माध्यम से मोबाइल पर ही दवाओं की पर्ची उपलब्ध हो गई। पर्ची दिखाकर मेडिकल स्टोर से दवा ली और पर्ची पर लिखे खुराक के हिसाब से उसका सेवन किया। मनोज ने बताया ई-संजीवनी ओपीडी एप के माध्यम अब मरीजों की दौड़भाग की झंझट खत्म हो गई है। घर बैठे ही डॉक्टर से सीधे वीडियोकॉल कर परामर्श मिल रहा है। सीएमओ डॉ. आलोक कुमार पांडेय का कहना है कि ई-संजीवनी एप पर मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श देने के लिए अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के चिकित्सकों को पंजीकृत किया गया है। एप पर परामर्श देने के लिए चिकित्सकों के पास कंप्यूटर व इंटरनेट सेवा दी गई है। जिनके पास ये दोनों चीजें उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें इसे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। बाल रोग विशेषज्ञ, पल्मोनरी, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ और मनोरोग विशेषज्ञ की ओपीडी के लिए सोमवार से शनिवार तक दोपहर दो से चार बजे शाम तक का समय निर्धारित है। अबतक जिले में इस एप के माध्यम से 189 लोगों को सेवा दी जा चुकी है।
चार चरण का पालन करना होगा
देवरिया। नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह का कहना है कि एप डाउनलोड करने के बाद डॉक्टर का परामर्श पाने के लिए मरीज को चार चरण का पालन करना होगा। पहले चरण में मरीज को पंजीकरण कराने के बाद दूसरे चरण में टोकन जनरेट करना होगा। तीसरे चरण में मरीज लॉगइन करने के बाद चौथे चरण में परामर्श प्राप्त कर सकेंगे।
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स्मार्टफोन न रखने वाले भी ले सकेंगे परामर्श
डीसीपीएम राजेश गुप्ता का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में या फिर जो लोग स्मार्टफोन का उपयोग नहीं करते हैं। वह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर व एएनएम के जरिए टैबलेट्स का उपयोग कर ई-संजीवनी ओपीडी के तहत चिकित्सकीय परामर्श ले सकेंगे। अब तक जिले के 61 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर व एएनएम के जरिए यह सेवा उपलब्ध कराई गई है।
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