देवरिया। सहायक स्टेशन मास्टर की हत्या में दोषी पाए गए वरिष्ठ वाणिज्य लिपिक को कोर्ट ने शनिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। घटना 15 दिसंबर 2012 को सलेमपुर रेलवे स्टेशन पर हुई थी।
शासकीय अधिवक्ता विजय कुमार यादव के अनुसार मईल थानाक्षेत्र के बरेजी गांव निवासी विजय मिश्र सलेमपुर रेलवे स्टेशन पर सहायक स्टेशन मास्टर के पद पर तैनात थे। 15 दिसंबर 2012 को किसी बात को लेकर वरिष्ठ वाणिज्य लिपिक उपेंद्र सिंह से विवाद हो गया। उपेंद्र सिंह ने लाइसेंसी असलहे से विजय को गोली मार दी। उपचार के दौरान विजय की लखनऊ में मौत हो गई। उस समय के स्टेशन अधीक्षक तारिक महमूद की तहरीर पर जीआरपी भटनी ने हत्या का केस दर्ज किया था। मामला अपर जिला जज के न्यायालय में चल रहा था। शनिवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए अपर जिला जज अश्वनी दुबे ने हत्यारोपी उपेंद्र सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाया। उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसमें से 75 प्रतिशत रकम मृतक की पत्नी को दिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सुनवाई में आई तेजी
देवरिया। विजय मिश्र की हत्या के आरोपी वरिष्ठ वाणिज्य लिपिक उपेंद्र सिंह हाईकोर्ट से जमानत पर चल रहा था। मृतक की पत्नी इंदू मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में आरोपी की जमानत खारिज करने की गुहार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने नौ दिसंबर 16 को छह महीने के अंदर मामले के निस्तारण का आदेश दिया। न्यायालय की ओर से चार बार समय बढ़ाने की अनुमति ली गई। 30 दिसंबर 18 तक निर्णय करने का अंतिम अवसर सुप्रीम कोर्ट ने दिया। नियत समय पूरा होने पर पुन: समय बढ़ाने का अनुरोध किया गया। इससे खफा सुप्रीम कोर्ट ने 15 मार्च को स्पष्टीकरण मांगा। इस पर न्यायालय ने आनन-फानन में शनिवार को फैसला सुना दिया।
वादी को न्यायालय ने जारी किया नोटिस
देवरिया। एएसएम विजय मिश्र की हत्या में वादी स्टेशन अधीक्षक तारिक महमूद बाद में मुकर गया था। इसका संज्ञान कोर्ट ने लिया है। वादी मुकदमा को नोटिस जारी किया गया है।