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डेंगू के मिले आठ मरीज,स्वास्थ्य महकमा सतर्क

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डेंगू को लेकर स्वास्थ्य महकमा सतर्क
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जिला अस्पताल में 10 बेड का बनाया गया वार्ड
तेज बुखार वाले मरीजों की मॉनिटरिंग बढ़ाई गई
जनवरी से अब तक जिले में मिले हैं आठ मरीज
लार्वा मिलने पर मलेरिया विभाग ने 32 लोगों को दिया नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। सेहत पर वॉयरल के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए मलेरिया विभाग सतर्क हो गया है। दस माह में डेंगू के आठ मरीज मिले हैं। गुरुवार को मलेरिया विभाग की टीम ने भ्रमण कर आठ दुकानदारों को नोटिस दिया। इसके पूर्व भी 24 संस्थानों को मलेरिया विभाग की ओर से नोटिस दिया जा चुका है। जिला अस्पताल में 10 बेड का डेंगू वार्ड सुरक्षित कर लिया गया है।
जनवरी से अभी तक जिले में आठ डेंगू के मरीज चिह्नित किए गए हैं। वॉयरल फीवर वाले मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तेज बुखार वाले मरीजों की मॉनिटरिंग बढ़ा दिया है। जिला अस्पताल में 10 बेड का एक वार्ड डेंगू के लिए बनाया गया है। एक डॉक्टर समेत चार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। आने वाले मरीजों के लिए मच्छरदानी समेत बचाव के जरूरी इंतजाम किए गए हैं। गुरुवार को रामपुर कारखाना क्षेत्र में मलेरिया विभाग की टीम पहुंची। नगर के पेट्रोल पंप, बैकुंठपुर, डुमरी चौराहा और पुलिस स्टेशन रामपुर समेत आठ स्थानों पर डेंगू के लार्वा मिलने पर लोगों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। रामपुर कारखाना ईओ को वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए लगातार वार्डों में छिड़काव कराने को कहा। इसके पूर्व लार्वा मिलने पर पॉलिटेक्निक कॉलेज, जवाहर नवोदय विद्यालय, इंडस्ट्रीयल एरिया समेत सरकारी और गैस सरकारी 24 संस्थानों को मलेरिया विभाग ने नोटिस दिया था। जांच में इनके कार्यालय और कैंपस में कूलरों में लार्वा मिला था। लोगों को बीमारी से बचाव के लिए दो टीमें गठित की गई है, जो लोगों को जागरूक कर रही है। जिला मलेरिया अधिकारी एसपी तिवारी ने बताया कि डेंगू को लेकर विभाग सक्रिय है। अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने और लार्वा की जांच की जा रही है। नोटिस भी लोगों को दिया जा रहा है।
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यह है डेंगू बुखार के लक्षण
डेंगू बुखार वायरस के कारण होता है। इसका इलाज समय से कराना जरूरी होता हैं। मच्छर डेंगू वायरस को फैलाते हैं। बुखार, सिरदर्द, त्वचा पर चेचक जैसे लाल चकत्ते व मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द प्रमुख लक्षण हैं। डेंगू बुखार एक या दो ऐसे रूपों में होता है, जो जीवन के लिये खतरा हो सकता है। पहला, डेंगू रक्तस्रावी बुखार है, जिसके कारण रक्त नलिकाएं में रक्तस्राव या रिसाव होता है व रक्त प्लेटलेट्स का स्तर कम होता है। दूसरा डेंगू शॉक सिंड्रोम है, इससे खतरनाक रूप से निम्न रक्तचाप होता है।
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डेंगू से कैसे करें बचाव
डेंगू से बचने के लिए मच्छरों से बचना बहुत जरूरी है। इससे डेंगू के वायरस फैलते हैं। ऐसी जगह जहां डेंगू फैल रहा है, वहां पानी जमने न दें। मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग, फुल शर्ट आदि कपड़े पहने। बदलते मौसम में अगर आप किसी नई जगह पर जा रहे हैं, तो मच्छरों से जरूर बचे। घर के आसपास अगर कहीं जलजमाव हो रहा है, तो वहां सफाई का खास ख्याल रखें। मच्छर पैदा होने से रोकने का हर संभव प्रयास करें। पांच दिन से अधिक समय तक बुखार होने पर रक्त जांच जरूर कराएं। घर की पानी की टंकियों को अच्छी तरह ढक कर रखें।
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