जिलाधिकारी आवास के सामने कागज जलाकर ठंड दूर करते राहगीर।
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देवरिया। जिले में बृहस्पतिवार को धूप खिली थी, लेकिन शुक्रवार को ठंड से राहत मिलने की उम्मीद पर पानी फिर गया। शुक्रवार को दिन भर कोहरे का असर दिखा और गलन ने लोगों को कांपने पर मजबूर कर दिया। बृहस्पतिवार की रात कोहरे इतना घना रहा कि सुबह के समय सड़कें भींगी हुई थीं। स्कूल खुले होने की वजह से हाड़ कंपा देने वाली ठंड में भी छोटे बच्चों को स्कूल जाना पड़ा।
दिसंबर के अंत से शुरू हुए ठंड का कहर थोड़ा कम होने के बाद फिर बढ़ गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुमान भी बेअसर साबित हो रहे हैं। उनका कहना था कि स्नान पर्व के बाद मौसम में सुधार होगा, लेकिन मौसम की बेरुखी से ऐसा होता नहीं दिख रहा है। 95 वर्षीय बुजुर्ग रामेश्वर ने कहा कि ऐसी ठंड कई सालों के बाद पड़ी है। पहले खिचड़ी के दिन से मौसम सुधरने लगता था। 80 वर्षीय ज्ञानमती ने कहा कि ऐसी ठंड 25 साल पहले पड़ी थी। ठंड ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। बच्चे, बुजुर्ग सभी हाड़ कंपा देने वाली ठंड से परेशान हैं। जिला अस्पताल में भी ठंड से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड की वजह से बच्चे कोल्ड डायरिया से पीड़ित हो रहे हैं।
इनसेट में-
रोते हुए स्कूल गए छोटे बच्चे
देवरिया। करीब 20 दिन बाद स्कूल खुलने पर सुबह का मौसम देखकर बच्चे रोने लगे। वे मां से जिद करने लगे कि स्कूल नहीं जाएंगे। ठंड लग जाएगी। न्यू कॉलोनी की अंजलि ने कहा कि उनका बेटा सुबह घर के लान का फर्श भीगा देखकर कहने लगा कि पानी बरस रहा है। वह स्कूल नहीं जाएगा। सुनील ने कहा कि मौसम के मिजाज और बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए प्रशासन को कक्षा आठ तक के बच्चों की छुट्टी और बढ़ा देनी चाहिए। रामनाथ देवरिया के हरिशंकर ने भी ऐसी ही बातें कही।