देवरिया। आल यूनियंस एंड एसोसिएशन ऑफ बीएसएनएल की ओर से मंगलवार से दो दिवसीय हड़ताल की गई है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक चैन से नहीं बैठेंगे। हड़ताल में कैजुअल एवं कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन भी शामिल हैं।
कर्मचारी नेता कृष्ण मुरारी मिश्र ने कहा कि कर्मचारी परिचलन लाभ होने के बावजूद वेतन संशोधन से वंचित हैं। प्रबंधन अलग सहायक कंपनी बनाकर कर्मचारियों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। हरेराम दीक्षित ने कहा कि जब तक जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, संघर्ष जारी रहेगा। पीके मल्ल ने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों के अथक प्रयास से करीब 4000 करोड़ परिचालन लाभ हुआ। इसके बावजूद तीसरे वेतन के संशोधन पर विभाग कोई चर्चा नहीं कर रहा है। वक्ताओं ने कहा कि बीएसएनएल की सबसे शक्तिशाली पूंजी 66000 मोबाइल टॉवर हैं। सरकार बीएसएनएल के तेजी से विकास करने का बहाना बनाकर इन टॉवरों को अलग करने की धमकी दे रही है। एक अलग सहायक टॉवर कंपनी बनाने के लिए कैबिनेट अनुमोदन भी कर चुका है। यह निर्णय बीएसएनएल को विनिवेश एवं रणनीतिक रूप से निजीकरण की ओर ले जाएगा।