महारानी पद्यमावती के सम्मान के लिए अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के लोगो ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर विरोध जताया।
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देवरिया। पद्मावती का बवाल यहां भी पहुंच गया है। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। डीएम को ज्ञापन सौंपा। फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की। फिल्म में तथ्य को तोड़ मोड़कर पेश किया गया है। इसे क्षत्रिय समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
जिला संयोजक रणविजय सिंह बघेल ने कहा कि महारानी पद्मावती भारतीय संस्कृति की प्रतीक हैं। पतिव्रत धर्म की रक्षा के लिए उनका जौहर भारत के इतिहास का स्वर्णिम पृष्ठ है। सदियों से जौहर की पवित्र ज्वाला को भारत की जनमानस नमन करता है। जिलाध्यक्ष उपेंद्र प्रताप शाही ने कहा कि फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली ने पद्मावती फिल्म में तथ्यों के साथ छेड़छाड़ किया है। जिस तरह से टीवी पर पद्मावती के नृत्य और अंग प्रदर्शन दिखाए जा रहे हैं, वैसा हमारी संस्कृति व परंपरा के खिलाफ है। राजेश सिंह श्रीनेत्र ने कहा कि पद्मावती फिल्म के दृश्यों से पूर्वांचल का क्षत्रिय समाज आहत है। सुदामा सिंह ने फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने हिंदुओं की भावनाओं से खिलवाड़ किया है। वक्ताओं ने कहा कि मान-सम्मान से क्षत्रिय समाज कभी समझौता नहीं करते हैं। जरूरत पड़ने पर आन-बान के लिए संघर्ष करने से पीछे नहीं हटते हैं। पद्मावती के प्रदर्शन पर रोक लगनी चाहिए। इस दौरान प्रमोद शाही, अवधेश सिंह, डॉ. दिलीप सिंह, संजय सिंह, ब्रजेश सिंह, अजय सिंह आदि मौजूद रहे।