देवरिया। जिले में निजी अस्पतालों की भरमार है मगर अधिकतर का पंजीकरण नहीं है। करीब एक हजार निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में सिर्फ 145 ही क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट (सीएलए) के तहत पंजीकृत हैं।
40 अस्पतालों के पास डिग्रीधारी डॉक्टर होने के बावजूद संचालन के लिए जरूरी सुविधाओं का अभाव है। अब स्वास्थ्य विभाग बिना पंजीकरण संचालित अस्पतालों के खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी में है।
निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान मरीजों की मौत या अन्य विवादों के बाद जांच में कई बार पंजीकरण और डॉक्टरों की उपलब्धता से जुड़ी खामियां सामने आती हैं।
पूर्व में न्यू कॉलोनी स्थित जालपा और राघव नगर स्थित कृष्णावती अस्पताल को बिना पंजीकरण संचालन के मामले में सील किया जा चुका है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, करीब 40 अस्पतालों ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है मगर जरूरी जानकारियां उपलब्ध नहीं कराने से उनके आवेदन लंबित हैं। संचालकों को मानक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद