24 घंटे में डेढ़ मीटर बढ़ा सरयू नदी का जलस्तर, बरहज में पीपा पुल से आवागमन बंद
बरहज। सरयू नदी पर पीपा पुल के रास्ते आवागमन बंद कर दिया गया है। पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में डेढ़ मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। पीडब्ल्यूडी ने नदी के रास्ते आवागमन सुचारु कराने के लिए दो पॉवर वार्ज बोट लगाई है। जबकि कर्मी पांटून को हटाने में जुट गए हैं।
वृहस्पतिवार को पीडब्ल्यूडी ने पीपा पुल के रास्ते होने वाले आवागमन पर पूर्णतया रोक लगा दिया है। जबकि आवागमन के लिए दो पॉवर वार्ज बोट लगाए गए हैं। नदी के जलस्तर में निरंतर हो रही वृद्धि के कारण कर्मचारी 20 दिन पूर्व ही पांटून आदि हटाने में जुट गए हैं। नदी के रास्ते रोजाना परसियां-विशुनपुर देवार के अलावा मऊ, आजमगढ़, वाराणसी, बलिया आदि जगहों के लोगों की आवाजाही रहती है। विभाग 15 नवंबर से 15 जून तक सरयू नदी पर पीपा पुल लगाकर आवागमन सुलभ कराता है। जबकि बरसात के मौसम में जुगाड़ू नाव आदि के जरिए लोग आवागमन करते हैं। जेई अखिलेश कुमार ने बताया कि जलस्तर में डेढ़ मीटर की बढ़ोत्तरी हुई है। जिसके कारण पीपा पुल के रास्ते आवागमन बंद कर पॉवर वार्ज बोट लगा दी गई है।
सरयू नदी में बहा पांटून, हलकान रहे कर्मी
बरहज। सरयू नदी के जलस्तर में पिछले दो दिनों से निरंतर तेजी आई है। जलस्तर के बढ़ने के कारण नदी के किनारे रखा पांटून पानी में बहने लगा। जिससे विभागीय कर्मियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में कर्मियों ने किसी तरह पांटून को काबू में कर किनारे लाए।
वृहस्पतिवार को नदी के जलस्तर में करीब डेढ़ मीटर की बढ़त नोट किया गया। जलस्तर में आई तेजी के कारण नदी का पानी घाट की ओर रुख कर लिया। पीडब्ल्यूडी की ओर से तट पर रखा पांटून नदी के पानी में बहने लगा। पांटून को बहता देख कुछ लोगों ने शोर मचाया। जिसको लेकर विभाग में हड़कंप मच गया। पीडब्ल्यूडी कर्मी आनन-फानन में नाव आदि के जरिए पांटून के पीछे लग गए। करीब आधे घंटे के रेस्क्यू के बाद पांटून को बाहर लाया जा सका। अवर अभियंता अखिलेश कुमार ने बताया कि पांटून कुछ ही दूर बह कर गया था। जिसे काबू में कर लिया गया।