फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपीः खाकी पर भारी पड़ते अपराधी

Fri, 14 Jun 2013 05:10 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
विज्ञापन
विज्ञापन
यूपी में अखिलेश यादव सुशासन के चाहे लाख दावे करें, लेकिन असलियत उनके दावों से परे हैं। सूबे में आम नागरिकों के साथ-साथ खाकी को भी बदमाशों से खुली चुनौती मिल रही है।
विज्ञापन


शुक्रवार को इलाहाबाद में थाना प्रभारी की खुलेआम हत्या ने एक बार फिर प्रदेश में कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। यमुनापार के बारा थाना प्रभारी आरपी द्विवेदी को बदमाश गोलियों से भूनकर फरार हो गए।

प्रदेश में यह पहली घटना नहीं है जब खाकी पर बेखौफ बदमाश भारी पड़े हैं। इससे पहले भी कई वर्दीधारी अपराधियों का निशाना बन चुके हैं।

कुंडा के डीएसपी जिया-उल-हक की हत्या
यूपी के प्रतापगढ़ में 2 मार्च को बलीपुर गांव में एक हत्याकांड के बाद मचे बवाल को शांत करने गए कुंडा के डीएसपी जिया-उल-हक की हत्या कर दी गई थी। दबंगों ने डीएसपी को लाठियों से पीटा, जीप से खींचकर जमीन पर घसीटा और फिर गोली मार दी। उन्हें पैरों में दो गोली मारी गई और फिर एक सीने में। इस मामले में डीएसपी की पत्नी ने यूपी के बाहुबली मंत्री राजा भैया पर हत्या का आरोप लगाया था। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
विज्ञापन


बदायूं में डीएसओ को जिंदा जलाने की कोशिश
अक्टूबर, 2012 में यूपी के बदायूं में तेल माफियाओं ने वहां के डिस्ट्रिक्ट सप्लाई ऑफिसर नीरज सिंह को जिंदा जलाने की कोशिश की। जब अवैध तेल कारोबार सिसलिले में नीरज सिंह ने तेल कारोबारियों के यहां छापा मारा तो उन पर कुछ लोगों ने अचानक हमला कर दिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने अधिकारी को जिंदा जलाने की कोशिश भी की।

अन्य राज्यों में भी बेखौफ अपराधी
फरीदाबाद में रेत माफिया ने ली थी सिपाही की जान
जनवरी, 2012 में हरियाणा के फरीदाबाद में डंपर से कुचलकर सिपाही की हत्या कर दी गई थी। फरीदाबाद के पल्ला चौक पर सिपाही महाबीर सिंह ने डंपर को रोकने की कोशिश की, इसके बाद अवैध रेत से भरे डंपर चालक ने सिपाही को कुचलकर मार डाला।

पुलिस के मुताबिक ड्राइवर ने अपने मालिक के कहने पर इसे अंजाम दिया। झज्जर के रहने वाले महाबीर 20 साल सेना में नौकरी के बाद 2003 में हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे।

मुरैना में आईपीएस अधिकारी को ट्रैक्टर से कुचला
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने का विरोध करने पर खनन माफियाओं ने आईपीएस अधिकारी नरेंद्र कुमार को ट्रैक्टर से कुचल कर मार दिया था। घटना जिस इलाके में हुई वहां पत्थर की कई अवैध खदानें हैं।

यहां सरकारी आदेशों को दरकिनार कर अवैध रूप से खुदाई होती रही है। कहा जाता है कि अवैध खनन में लिप्त खनन माफिया, नेता और अधिकारियों का गठजोड़ इतना मजबूत है कि विरोध करने वालों को अपनी जान तक से हाथ धोना पड़ता है।

सवाई माधोपुर में भीड़ ने एसएचओ को जिंदा जलाया
अक्टूबर, 2011 में भी कुछ इसी तरह का मामला राजस्थान के सवाई माधोपुर में हुआ था। गुस्साई भीड़ ने मानटाउन के एसएचओ फूल मोहम्मद को जिंदा जला दिया था। भीड़ हत्या के आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग कर रही थी। यह हत्या घटना के करीब एक महीने पहले हुई थी।

नासिक में एडीएम को तेल माफिया ने जिंदा जलाया
नवंबर, 2011 में महाराष्ट्र के नासिक जिले के मनमांड में अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम) यशवंत सोनावने को तेल माफिया ने जिंदा जला दिया। यशवंत मिलावटखोरों पर नकेल कसना चाह रहे थे। जब यह घटना हुई कि उस समय सोनावने पेट्रोल और डीजल माफिया के यहां छापा मारने गए थे। वहीं माफियाओं ने उन्हें पकड़कर आग के हवाले कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें