मऊ/राजापुर । मऊ और राजापुर क्षेत्र में यमुना नदी मंदगति से बढ़ रही है। इससे ग्रामीणों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही रही। कई गांव में बारिश का पानी बस्ती में भर जाने से ग्रामीण परेशान हैं। तीन दिन से इन गांव की बिजली की लाइन कटी है।
मऊ क्षेत्र के मवई कला, मंडौर, बरवार, ताड़ी आदि व राजापुर क्षेत्र के चिल्लीमल, रीठी, भभेंट,चांदी, धुमाई, कुसैली, सरधुआ अर्की, चिल्लीमल बेलास आदि गांवों बसे हैं। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से कुछ गांवों के आने जाने वाले रास्तों के रपटे में पानी भर गया है।इससे आवागमन करने में समस्या हो रही है। मऊ क्षेत्र के मवई कला गांव के पास सड़क के रपेट में पानी भर जाने से आवागमन यहां के निवासियों को बंद है। जिला प्रशासन की तरफ से दो बड़ी नाव व एक छोटी नाव लगाई गई है।इसी के सहारे ही ग्रामीण आते जाते है।वही एसडीआरएफ की टीम मऊ क्षेत्र के यमुना नदी के तट से लगे गांवों का निरीक्षण नाव के सहारे किया। समाज सेवी इंद्रेश त्रिपाठी, अंजनी त्रिपाठी ने बताया कि रास्ता बंद होने के कारण पांच से अधिक गांवों काआपस में संपर्क कट हुआ है। राजापुर क्षेत्र के गांवों पास खेतों में यमुना नदी का पानी भर जाने से समस्या हो रही है। राजापुर क्षेत्र के यमुना नदी के तट के गांवोंं का निरीक्षण एसडीएम राम ऋषि रमन ने किया। शनिवार को 87.88 मीटर पानी रहा जबकि खतरे का निशान 93 मीटर है।
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गांव की बस्ती में पानी भर जाने पर किया प्रदर्शन
चित्रकूट। बारिश होने से कई गांवों की बस्ती के अंदर तीन दिन बीत जाने के बाद भी पानी गांवों के अंदर भरा हुआ है। शनिवार को सदर विकास खंड के बारामाफी व कालूपुर पाही के गांव के ग्रामीणों ने संपूर्ण समाधान दिवस में हो रही जनसुनवाई के दौरान प्रदर्शन कर विरोध जताया। गांव के राजेश, सुनील आदि ने बताया कि बस्ती के रास्ते में पानी भर जाने से निकलना मुश्किल हो रहा है। संपूर्ण समाधान दिवस पर अधिकारियों को ज्ञापनदेकर समस्याओं का समाधान कराने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि कई घर की दीवारें गिरी हैं। कई मवेशी मर गएहैं। इनका सर्वे कराकर मुआवजा दिलाया जाए। वही राजापुर क्षेत्र के बेराउर गांव की बस्ती के रास्ते में पानी भर जाने पर एसडीएम राजापुर ने राम ऋषि रमन ने निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम प्रधान को सचिव को पानी के निकासी के रास्ता बनाने के लिए कहा। इसी तरह से मानिकपुर, मऊ सहित अन्य क्षेत्रों की गांवों की बस्तियों में पानी भर हुआ है। संवाद
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जलस्तर घटा, गंदगी व कींचड़ से बढ़ी परेशानी
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी का जलस्तर शनिवार का सामान्य स्थिति में आ गया। इससे सभी ने राहत की सांस ली लेकिन रामघाट समेत मंदाकिनी के सभी तटों पर गंदगी व कीचड़ भरा है। दुकानदार से लेकर श्रद्धालुओं में रोष है कि इसकी सफाई का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सावन माह के दूसरे सोमवार को रामघाट पर हजारों श्रद्धालु मंदाकिनी के जल से भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचेंगे तो इस हालत में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। इसी प्रकार तरौंहा के प्राचीन शिव मंदिर के रास्ते में कीचड़ व जलभराव होने से श्रद्धालु सावन माह में पूजन करने मंदिर तक नहीं जा पा रहेहैं। स्थानीय रमेश कुमार व विष्णु कुमार ने बताया कि दो दिन पूर्व एसडीएम को ज्ञापन दिया था जिसमें कहा गया था कि जल्दही सफाई कराकर अतिक्रमण हटवाएंगे लेकिन कोई पहल नहीं की गई है। ईओ लालजी यादव ने बताया कि रामघाट पर 15 सफाईकर्मी लगातार कीचड़ व मिट्टी हटाने का काम कर रहे हैं।