सवा छह लाख के इनामी दस्यु सरगना बलखड़िया के इस समय गंभीर रूप से झुलसने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार वह लाठी लेकर चलने को मोहताज है। लेकिन इसके बाद भी पुलिस उसे पकड़ नहीं पा रही। इससे कहीं न कहीं पुलिस की रणनीति और आपसी तालमेल में कमी सामने आती है।
दस्यु सरगना का सूचना तंत्र इस पर भारी पड़ता दिख रहा है।
एसपी पवन कुमार ने जिले की कमान संभालते ही बलखड़िया को टार्गेट करने की रणनीति बनाई थी। इस समय जब वह घायल है तो उसे पकड़ने का भी पुलिस के पास अच्छा मौका है। लेकिन इसमें भी खाकी मात खाती दिख रही है। गौरतलब है कि करीब एक पखवारा पहले मप्र सीमा के भगड़ा गांव के पास जानवरों के लिए बिछाए गए तार से दस्यु सरगना बुरी तरह झुलस गया था। सूत्रों के अनुसार उसके पैरों में अभी भी घाव हैं और वह लाठी लेकर चलने को मोहताज है। गैंग के लोग उसकी देखरेेख कर रहे हैं।
बलखड़िया के सफाए के लिए होली के आसपास खुद एसपी ने खम्हरिया, हुड़ा आदि गांवों में घेराबंदी की थी। पुलिस सूत्र बताते हैं कि दो दिन पहले भी एसपी ने रात में की गई कांबिंग की अगुवाई खुद की पर यह जानकारी भी गैंग को हो गई।
भवानीपुर के कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दो दिन पहले तो कुछ पुलिस अधिकारी गांव में हत्यारोपी के घर की कुर्की करने आए थे तो वहां गैंग भी था। होली मिलने गैंग वहां गया था। लेकिन पुलिस कुछ न कर सकी। इससे पूर्व कई बार ऐसा हुआ कि पुलिस और गैंग के बीच की दूरी काफी कम रह गई पर गैंग साफ बच निकला। एसपी को इस मोर्चे पर भी निपटना है। इससे कहीं न कहीं पुलिस का सूचना तंत्र भी कमजोर होने की आशंका लगती है।
सूचनाएं लीक होेने से इंकार
इस संबंध में जब एसपी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कुर्की के लिए तो कुछ लोग गए थे। उन्होंने इस बात को मानने से इंकार कर दिया कि पुलिस तंत्र में कोई सूचनाएं लीक करता है। कहा कि पिछले दिनों जब वह कांबिंग में गए थे तो हो सकता है कि गैंग वहां रहा ही न हो।