सीने में जवारा बोकर नवरात्र का व्रत कर रहे महंत अवधनरेश दास।
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चित्रकूट। धर्मनगरी के कामदगिरी परिक्रमा मार्ग स्थित विरकित मंदिर के महंत अवध नरेश दास ने नवरात्र व्रत के लिए अनोखा तरीका अपनाया है। सीने पर जवारा बोकर पांच दिन से व्रत धारण किए हैं। मां काली के मंदिर परिसर में वह लगातार व्रत के चलते लेटकर पूजन पाठ कर रहे हैं। महंत का कहना है कि जग कल्याण और क्षेत्र से कोरोना जैसे राक्षस का नाश कराने के लिए मां दुर्गा से प्रार्थना कर रहे हैं। नवरात्र के दो दिन पूर्व से ही खाना पानी छोड़ दिया था अब दशहरे के दिन ही व्रत पूर्ण होगा। व्रत के दौरान वह सिर्फ लौंग व एक दो बूंद जल पीते हैं।