राजापुर-कमासिन मार्ग पर बेराउर मोड़ से उद्घटा तक के
संपर्क मार्ग की हालत बदतर हो गई है। लोग इस रास्ते से गिरते-पड़ते निकलते
हैं।
जरा सी बारिश होते ही रास्ता इतना खराब हो जाता है कि पैदल
निकलना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि न तो कार्यदायी
संस्था और न ही प्रशासन इस रास्ते की सुध ले रहा है। कई बार कार्यदायी
संस्था का ध्यान आकृष्ट कराया गया पर कोई फायदा नहीं हुआ।
बेराउर
से उद्घटा तक का दो किमी से अधिक का रास्ता बदहाल है। सड़क पर कहीं भी
गिट्टियां नजर नहीं आती हैं, जरा सी बारिश होते ही सड़क कीचड़ में तब्दील
हो जाती है। इस रास्ते से तिरहार को जाने वाले लोग गुजरते हैं।
भदेदू,
खोपा, सुरवल, हस्ता और देवारी आने-जाने वाले ग्रामीणों का रोजाना इस सड़क
से आवागमन होता है। राजापुर से कमासिन जाने वाले रास्ते पर पड़ने वाले इस
संपर्क मार्ग का जीर्णोद्धार 2006 में कराया गया था।
इसके बाद से इस सड़क की सुध नहीं ली गई। राजापुर से लगभग दो किमी चलने के बाद बरगदीपुरवा के पास से इसकी बदहाली शुरू हो जाती है।