चित्रकूट। जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर डिलौरा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की आजीविका सखी, लखपति दीदी और एफपीओ के पदाधिकारियों का संचेतना प्रशिक्षण शुरू हुआ।
प्रशिक्षकों ने बताया कि अलग-अलग ट्रेड के लिए अलग प्रोड्यूसर ग्रुप बनेंगे। अपने संसाधनों और सरकारी सहयोग से संबंधित व्यवसाय का संचालन करेंगे। व्यवसाय का चुनाव स्थानीय संसाधनों की उपलब्धता, मार्केट की संभावनाएं और किसानों की स्किल को देखकर किया जाना चाहिए। प्रोड्यूसर ग्रुप अपने उत्पाद का विक्रय पूरे देश में ई मंडियों के माध्यमों से अपने गोदाम में ही कर सकेंगे।
प्रशिक्षण में प्रशिक्षक के रूप में आयुष्मान वानप्रस्थ विश्वविद्यालय के निदेशक व मास्टर ट्रेनर बलबीर सिंह के अलावा आजीविका मिशन बांदा में जिला रिसोर्स पर्सन कमल मिश्रा शामिल रहे। जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड अशेष यादव ने फॉर्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन को जिले में आर्थिक सशक्तिकरण का संवाहक बताया। आयुष्मान वानप्रस्थ विश्वविद्यालय की अनीता सिंह ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 13 सितंबर को आयोजित होने वाले लोक अदालत, मिडिएशन, प्रधानमंत्री बीमा और पेंशन योजनाओं की जानकारी दी।