अपना दल के एक गुट की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल व महासचिव पल्लवी पटेल।
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अपना दल के एक गुट की अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने कहा कि प्रदेश में अपना दल 150 सीटों पर चुनाव लड़ेगा। भाजपा छोड़कर अन्य किसी भी दल से गठबंधन किया जा सकता है। पार्टी के पंजीयन और चुनाव चिन्ह के लिए अदालत में मामला चल रहा है। फिलहाल मप्र (रीवा) के उपचुनाव में अदालत ने उन्हें ही अधिकृत चुनाव चिन्ह से चुनाव लड़ने की अनुमति दी है।
कार्यकर्ताओं से मुलाकात के लिए यहां आईं कृष्णा पटेल ने मंगलवार को मुख्यालय के डाक बंगले में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अब असली नकली पार्टी का मामला नहीं है। बेटी अनुप्रिया से मां-बेटी का रिश्ता तो है लेकिन राजनैतिक मामले मेेें दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है।
अनुशासनहीनता के चलते उन्हें पार्टी से निकाला जा चुका है। पुराने सारे कार्यकर्ता उनके साथ हैं और अगले चुनाव में अनुप्रिया के खिलाफ पार्टी प्रचार करेगी। बूथ जीतो, सीट जीतों की तर्ज पर कार्यकर्ताओं को संगठित किया जा रहा है।
इस दौरान अपना दल की राष्ट्रीय महासचिव पल्लवी पटेल ने बड़े नोटों की बंदी को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। कहा कि नोट बंदी से कमजोर व गरीब वर्ग परेशान है। नोट बंदी लागू करने के पहले ही भाजपाइयों व उनसे जुड़े उद्योगपतियों को जानकारी दे दी गई थी।
नोट बंदी का मकसद काला धन रोकना नहीं, राजनैतिक दृष्टिकोण अधिक लगता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपाइयों के पास पर्याप्त नई करेंसी एकत्र होने के बाद ही पांच सौ और हजार के नोट बंदी का फरमान जारी किया गया। उन्होेंने आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल की नियुक्ति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि दो माह पहले केंद्र सरकार ने जल्दबाजी में नियुक्ति कराई और छह माह पहले तैयार नोटों पर हस्ताक्षर भी कराए गए।
पत्रकार वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और जरूरी दिशा निर्देश देकर चली गईं।
गौरतलब है कि अपना दल में दो फाड़ हो चुका है। पार्टी के संस्थापक स्व. सोनेलाल पटेल की पत्नी कृष्णा पटेल खुद को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताती हैं। उनकी बेटी और वर्तमान में केंद्र सरकार में स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल भी खुद को पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बताती हैं।