चित्रकूट। सीबीआई ने छापा मारकर जेई रामभवन को पकड़ा था। पूछताछ और छानबीन के दौरान टीम के अधिकारियों ने आसपास के लोगों से पूछताछ की लेकिन सभी चुप्पी साधे रहे। बाद में जब सीबीआई टीम ने लोगों को उनके संपर्क होने साक्ष्य दिखाए तो मोहल्ले के लोगों की चुप्पी टूटी।
सिंचाई विभाग के निर्माण खंड में जेई पद पर तैनात रामभवन स्थानीय होने के कारण क्षेत्र में उसने अपना दबदबा बना रखा था। वह गरीब परिवारों को काम दिलाने की बात कहकर पहले प्रभावित करता था। नहर आदि के काम में मजदूरी दिलाने के बाद वह उनके घरों में भी आता-जाता और उनके बच्चों को कभी पढ़ाई तो कभी खेलने आदि का बहाना बनाकर घर छोड़ने के लिए कहता था। बच्चों को वीडियो गेम, मोबाइल, कपड़े, रुपये, टॉफी-चॉकलेट आदि देकर अपना शिकार तलाशता था। एसडीएम कॉलोनी में किराये के मकान में रहने के दौरान कुछ गतिविधियां लोगों को संदिग्ध दिखी थीं लेकिन कोई इसका विरोध नहीं कर सका था।
उसके पकड़े जाने के बाद जब सीबीआई की टीम उसे लेकर वहां पहुंची तो नियमित रूप से संपर्क में रहने वालों ने भी उसके यहां आने जाने की बात से इन्कार करते हुए चुप्पी साधे रखी। जब टीम ने साक्ष्य दिखाए तो चुप्पी तो टूटी, लेकिन सिर्फ यही कहकर टाल दिया कि काम के उद्देश्य से उसके घर आते जाते थे उसके इस तरह के कृत्य की कोई जानकारी नहीं है।
अलग-अलग कमरों में बनाता था वीडियो
स्थानीय लोगों के अनुसार, सीबीआई की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि रामभवन बच्चों के यौन शोषण से जुड़े वीडियो अलग-अलग कमरों में बनाता था। कभी वह अपने बेडरूम में, तो कभी स्टोर रूम, किचन या बाथरूम में वीडियो रिकॉर्ड करता था। कई पीड़ितों ने भी अपने बयान में इसका जिक्र किया है।
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निसंतान होने का ट्रंप कार्ड खेलते थी पत्नी
आरोपी रामभवन की शादी वर्ष 2004 में दुर्गावती से हुई थी। शादी के 17-18 साल बाद भी संतान नहीं हुई। इसी को दुर्गावती ने मोहल्ले की महिलाओं के बीच ट्रंप कार्ड बनाया। महिलाओं की सहानभूति बटोरने के लिए वह बच्चों से दुलराती और अपने घर बुलाती थीं। इससे उसे दो फायदे होते थे। एक तो पोर्न वीडियो बनाने के लिए नया शिकार मिलता था। दूसरा मोहल्ले में महिलाओं और बच्चों के बीच उसकी अच्छी साख बनी रहेगी। सीबीआई टीम ने जब मोहल्ले की महिलाओं से दुर्गावती के बारे में जानकारी की तो उनका कहना था कि अक्सर वह उन लोगों से संतान प्राप्ति के उपायों के बारे में चर्चा करती थी।