चित्रकूट। जिन किसानों का फार्मर आईडी कृषक पहचान पत्र नहीं बना है। उस किसान को गेहूं क्रय केंद्र से वापस नहीं किया जाएगा। वहीं जिन गांवों में चकबंदी चल रही है। उन गांवों के किसानों को पहले की तरह खसरा व खतौनी दिखाने पर गेहूं खरीद लिया जाएगा। गेहूं क्रय केंद्र पर पर्याप्त मात्रा में बोरे उपलब्ध हैं। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार गेहूं किसान अधिक बेच रहे हैं।
जिले में कुल 35 क्रय केंद्रों में 30 मार्च से 15 जून तक गेहूं खरीदा जाएगा। क्रय केंद्रों में 84,860 पीपी बोरे उपलब्ध थे। इसके बाद उचित दर विक्रेताओं से मार्च में 34,345 जूट के बोरे लेकर क्रय केंद्रों को दिए गए हैं। 25 अप्रैल तक 50 हजार जूट बोरे और केंद्रों को दिए जाएंगे। बताया कि जिले में कुल 480 किसानों से 2,41,427 एमटी गेहूं की खरीद की चुकी है। जो क्रय के लक्ष्य 1600 एमटी का 15 प्रतिशत है।
पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष 17 जून तक दोगुना गेहूं खरीदा जा चुका है। अभी तक 3246 किसानों ने अपना पंजीकरण कराया था। जो गत वर्ष में कराए गए पंजीकरण का दो गुना है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी अविनाश कुमार झा ने बताया कि अब सभी किसानों से गेहूं खरीदा जाएगा।
बिना फार्मर रजिस्ट्री वाले किसान परेशान न हों, उनको गेहूं बेचने में कोई दिक्कत नहीं होगी। किसान किसी भी सहायता के लिए संबंधित टोल फ्री नंबर 1800 - 1800 -150 पर कंट्रोल रूम नंबर 7355904833 पर कॉल कर सकते हैं।