चित्रकूट। जिले में सोमवार रात से शुरू हुई बारिश मंगलवार शाम करीब तीन बजे तक रुक-रुककर जारी रही। इस दौरान 78 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश से जिला मुख्यालय की मुख्य सड़कें और कई मोहल्ले जलमग्न हो गए। वहीं दूसरी ओर यह बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है।
शहर के पटेल तिराहा-कलक्ट्रेट रोड, एलआईसी तिराहा-जीजीआईसी रोड, शंकर बाजार, एसडीएम कॉलोनी और चकमाली वार्ड समेत कई इलाकों में सड़कें तालाब जैसी दिखीं। जगह-जगह जलभराव के कारण दोपहिया, चार पहिया वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीरों को भी भारी परेशानी हुई। स्कूली छात्र-छात्राओं और नौकरीपेशा लोगों को सबसे अधिक दिक्कत उठानी पड़ी।
बारिश के बाद शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए। नगर पालिका परिषद ने मानसून से पहले नालों की सफाई के दावे किए थे, लेकिन तेज बारिश में मुख्य बाजारों और रिहायशी इलाकों में पानी भर जाने से व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। लोगों का कहना है कि अगर अभी यह हाल है तो पूरे सावन में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
किसानों के लिए वरदान बनी बारिश
किसानों के लिए यह बारिश संजीवनी बनकर आई। किसान रमेश निषाद और भूरा ने बताया कि पिछले सप्ताह तेज धूप से धान समेत खरीफ फसलें प्रभावित होने लगी थीं। नलकूप से सिंचाई की जा रही थी, अब सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। किसान मान सिंह ने बताया कि अब धान की रोपाई आसानी से कर सकते हैं।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनोज ने बताया कि अगले एक-दो दिनों तक जिले में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन को जलभराव और जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की जरूरत है, ताकि आमजन को परेशानी न हो।
21 सीकेटीपी 10 पीली कोठी में भरे पानी से निकलते लोग। संवाद
21 सीकेटीपी 10 पीली कोठी में भरे पानी से निकलते लोग। संवाद