मानिकपुर (चित्रकूट)। हर घर जल पहुंचाने के दावे के बीच मानिकपुर के आदिवासी मजरा सुवरगड़ा में करीब डेढ़ माह से पेयजल आपूर्ति ठप है।
800 की आबादी वाले इस मजरे में नमामि गंगे के नल सूखे पड़े हैं। सप्लाई बंद होने से ग्रामीण हैंडपंप, नदी और तालाब का गंदा पानी पीने के लिए मजबूर हैं।
विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत चुरेह कसेरुवा के मजरा सुवरगड़ा में करीब डेढ़ माह से पाइपलाइन से पानी नहीं आया है। ग्रामीणों के मुताबिक पहले भी नियमित सप्लाई नहीं मिलती थी। करीब आधे से एक घंटे के लिए पानी आता था तो लोग जरूरत भर पानी बर्तनों में भरकर रख लेते थे। अब लंबे समय से सप्लाई पूरी तरह बंद है।
पाइपलाइन से पानी नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को हैंडपंप का सहारा लेना पड़ रहा है। मजरे में दो-तीन हैंडपंप हैं, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार इनमें से भी साफ पानी नहीं निकल रहा। सुबह से ही पानी भरने के लिए लोगों की लाइन लग जाती है। ग्रामीण गंदे पानी को कपड़े आदि से छानकर इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। इसके अलावा नदी और तालाब का पानी पीने के लिए भरकर लाते हैं।
दूषित पानी के इस्तेमाल से बच्चों और महिलाओं समेत कई लोग बीमार पड़ रहे हैं। लगातार पानी की समस्या के बाद भी पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई है।
उधर, सीएमओ डॉ. महेंद्र कुमार त्रिपाठी का कहना है कि लगातार गंदा पानी पीने से शरीर में इंफेक्शन बढ़ता है। इससे अनेक बीमारियां हो सकती हैं। इसी तरह से खारा व फ्लोराइड युक्त पानी पीने से दांतों की बीमारी बढ़ती है।
लोग बोले-जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे
गांव में पाइपलाइन से पानी आए एक महीने से अधिक हो गया है। हैंडपंप से भी गंदा पानी निकल रहा है। मजबूरी में उसी पानी से प्यास बुझानी पड़ रही है।- रामनारायण, ग्रामीण
सुबह से पेयजल के लिए हैंडपंप पर घंटों लाइन लगानी पड़ती है। गंदे पानी को छानकर किसी तरह इस्तेमाल किया जाता है। समस्या की ओर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं जा रहा है।- गंगू देवी
वर्जन
विभाग से बात करेंगे
मामला संज्ञान में आया है। संबंधित विभाग से बात कर पेयजल आपूर्ति चालू कराने की कार्रवाई की जाएगी।- विपिन कुमार द्विवेदी, एसडीएम।
05 सीकेटीपी-12-हैंडपंप में पानी भरने के लिए ग्रामीणों की भीड़। संवाद
05 सीकेटीपी-12-हैंडपंप में पानी भरने के लिए ग्रामीणों की भीड़। संवाद
05 सीकेटीपी-12-हैंडपंप में पानी भरने के लिए ग्रामीणों की भीड़। संवाद