चित्रकूट। सदर कोतवाली अंतर्गत बनाड़ी गांव के मजरा विनायक पुरवा के एक गुमटी संचालक ने बुधवार की सुबह जहरीला पदार्थ पी लिया। हालत खराब होने पर परिजनों ने इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि गांव की एक युवती व उसकी मां ने इलाज कराने के बहाने दस लाख रुपये लिया था। कई बार मां-बेटी से उधार मांगा पर नहीं दिया। इससे क्षुब्ध होकर युवक ने जहरीला पदार्थ पी लिया।
विनायकपुरवा निवासी प्रेमचंद्र पटेल (64) पुत्र भगवानदीन जिला अस्पताल के पास गुमटी में पान व गुटखा बेचता है। परिजनों के अनुसार मंगलवार की रात को घर से खाना खाने के बाद गुमटी में ही सोने के लिए चला आया था। बुधवार की सुबह आसपास के लोगों ने गुमटी में देखा तो वह बेहोशी का हालत में पड़ा था। आननफानन में परिजनों को जानकारी देकर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मृतक के पुत्र भोला प्रसाद ने बताया कि गांव की एक युवती के इलाज के लिए जमीन बेचकर उसकी मां को दस लाख रुपये दिए थे। वह धनराशि वापिस नहीं कर रही है। जिसके चलते वह मानसिक रूप से परेशान थे। इस कारण जहरीला पदार्थ पी लिया। मृतक के छह पुत्र और तीन पुत्री है। पत्नी की मौत 2014 में हो गई थी।
सुसाइड नोट मिला
मृतक प्रेमचंद्र पटेल के पुत्र भोला ने बताया कि गुमटी में ही एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें गांव की एक युवती और उसकी मां का नाम लिखकर पूरी घटना बताई है। इसके बाद सुसाइड करने की बात लिखी है। कोतवाल वीरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि अभी परिजनों ने यह सुसाइड नोट पुलिस को नहीं दिया है। मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।