चित्रकूट। वैशाख मास की अमावस्या पर धर्मनगरी के घाट कोरोना के चलते सूने रहेंगे। जिले की सीमाओं पर बाहरी साधु, संतों व भक्तों के प्रवेश पर रोक रहेगी। यूपी और एमपी पुलिस प्रशासन ने अपने-अपने क्षेत्रों पर सेक्टर मजिस्ट्रेट समेत पुलिस अधिकारियों की तैनाती कर दी है। वहीं एक दिन पहले कई श्रद्धालु दर्शन व स्नान कर लौट गए हैं।
वैशाख माह की अमावस्या पर लाखों श्रद्धालु धर्मनगरी में आते है। इस बार कोरोना के चलते यूपी व एमपी से आने वाले श्रद्धालु, भक्तों व साधु-संतों पर रोक लगा दी गई है।
सेक्टर मजिस्ट्रेट मेला क्षेत्र में घूम-घूमकर जानकारी ले रहे हैं। एमपी क्षेत्र में जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई गई है। मंदिरों के पुजारियों से मंदिर के पट बंद रखने के लिए कहा गया है।
अपर जिला मजिस्ट्रेट जीपी सिंह ने बताया कि महामारी के बढ़ते संक्त्रस्मण को नियंत्रित करने व बचाव के उद्देश्य से चित्रकूट स्थित सीतापुर रामघाट, कामदगिरि परिक्त्रस्मा मार्ग, भरतकूप व अन्य स्थलों से संबंधित धार्मिक गतिविधियां मेला पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा। संत महात्माओं धर्मगुरुओं समेत श्रद्धालुओं को अपने घर में ही रहकर पूजा अर्चना करने को कहा गया है।
जिलाधिकारी ने परखी व्यवस्थाएं
चित्रकूट। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने रामघाट, परिक्त्रस्मा मार्ग सहित पूरे मेला क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सोमवार की शाम को निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी तथा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद को निर्देश दिए कि कोविड19 को देखते हुए संपूर्ण मेला क्षेत्र में सैनिजाइटेशन कराने को कहा। कहा कि जिन अधिकारियों की ड्यूटी मेला प्रतिबंधित करने में लगाई गई है वह अपने ड्यूटी स्थल पर मौजूद रहकर कार्य करें। निरीक्षण के दौरान एडीएम जीपी सिंह व प्रशिक्षु आईएएस जयदेव सिंह आदि मौजूद रहे।