चित्रकूट। पंचायत चुनाव में अपने खास प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कराने का दबाव बनाने के मामले में विशेष न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने दो दोषियों को तीन-तीन साल सजा सुनाई। दोनों पर छह-छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गोपालदास ने बताया कि मानिकपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर कल्याण गढ़ निवासी मुन्ना तिवारी ने चार दिसंबर 2015 को पुलिस को सूचना दी थी कि रात करीब आठ बजे दस्यु बबली कोल बनकर चुन्नू अपने आठ-10 बदमाशों के साथ घर आया और पिटाई करते हुए अपने चहेते प्रत्याशी के चुनाव चिह्न गदा पर वोट डलवाने का दबाव डालने लगा था। बताया कि घटना के बाद पुलिस को फोन किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी और दूसरे दिन पुलिस गांव पहुंची थी। पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज हुआ था।
इसके बाद दस्यु बबली कोल, लवलेश कोल के अलावा निही गांव के निवासी छोटू उर्फ छोटुवा व नौबस्ता गांव के निवासी चौधरी उर्फ रजोला पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। विवेचना के दौरान दस्यु बबली कोल और लवलेश कोल पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे। वहीं छोटू उर्फ छोटुवा और रजोला जेल में बंद हैं। दोनों ने अपनी स्वेच्छा से जुर्म स्वीकार कर लिया था। सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने दोनों को दोषी पाया और सजा सुनाई।