पोस्टमार्टम हाउस में घटना की जानकारी देते मृत किसान केे परिजन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जिले के अलग-अलग स्थानों पर दो किसानों की मौत हो गई। जिसमें एक खेत की सिंचाई करने गया था। वहीं बेहोशी की हालत में मिला। डॉक्टर ने मौत की पुष्टि की। दूसरा कटी फसल लेकर घर आया और अचानक गिर पड़ा। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार मुख्यालय से सटे सोनेपुर गांव निवासी राजेंद्र विश्वकर्मा (50) गुरुवार की शाम को घर से खाना खाने के बाद गणेश बाग के पास स्थित खेतों की सिंचाई व रखवाली करने की बात कहकर गए। उसके पुत्र रामेंद्रकुमार ने बताया शुक्रवार की सुबह काफी देर तक जब पिता घर नहीं लौटे तो परिजन खेत पहुंचे।
वहां खेतों में ही उन्हें बेहोशी की हालत में देख सभी चीख उठे। आनन- फानन में जिला अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी होने पर निवर्तमान विधायक वीर सिंह पटेल अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया। मृतक के चार पुत्र एक पुत्री है। मृतक कुछ सालों तक खनिज विभाग में संविदाकर्मी के रूप में भी काम कर चुके थे। उनके नाम एक बीघा जमीन है। मौत का कारण पूछने पर जिला अस्पताल के डॉ.विष्णु गुप्ता ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा। प्रथम दृष्टया हार्टअटैक या ठंड लगने से मौत लगती है।
मानिकपुर प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार दोपहर बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के छोटी मडैयन निवासी किसान चुनबाद (55) की मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने बताया कि वह खेत से सरसों की फसल काटकर घर आए तो अचानक चक्कर आने पर वहीं गिर पड़े। इसके बाद परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार हार्ट अटैक से उनकी मौत हुई है। जिसकी सूचना एसडीएम मानिकपुर को दी गई है। मृतक के एक पुत्री है और तीन बीघे जमीन है।