बांदा। जनपद की दो दर्जन से ज्यादा ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी चित्रकूटधाम मंडल जल संस्थान से वापस लेकर उप्र जल निगम (ग्रामीण) को सौंप दी गई है। यह व्यवस्था पहली अक्टूबर से लागू हो गई है।
शहरी के साथ कई ग्रामीण पेयजल योजनाओं का संचालन भी जल संस्थान द्वारा किया जा रहा था। अब इसमें बदलाव किया गया है। जल संस्थान अधिशासी अभियंता द्वारा बताया गया है कि जल जीवन मिशन योजना के तहत पहली अक्टूबर से तिंदवारी ग्रामीण क्षेत्र के मुंगुस, सोनरही, सहिंगा, पिपरगवां, गरौती, जमुआ, अमलीकौर, बहिंगा, जसईपुर और माटा तथा खंडेह योजना के खैराडा, दुरेड़ी, खैरार व लोहरा, बढ़ेहा योजना में कमरौड़ी, कानाखेड़ा में तनगामऊ, कमासिन योजना में तिंदवारा , पक्षौहां, सिमोनी, बेर्राव में सोनहुला, बिनाउट, गुरौली, बरेठी कलां योजना में दोहतरा, तारा, गौसीपुर, भवानीपुर व बच्चा डेरा। खपटिहा कलां में बछेउरा, काना खेड़ा में तनगा मऊ, बबेरू ग्रामीण के ओरन ग्रामीण में बाघा आदि गांवों की जलापूर्ति व्यवस्था उप्र जल निगम (ग्रामीण) , बांदा द्वारा की जाएगी।
अब यहां करें शिकायत
जल निगम (ग्रामीण) को सौंपी गईं ग्रामीण पेयजल योजनाओं से संबंधित शिकायतें उ.प्र. जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता कार्यालय (भूरागढ़, बांदा) में की जा सकती हैं। अधिशासी अभियंता का मोबाइल नंबर - 8004861974 तथा सहायक अभियंता का मोबाइल नंबर- 9473942236 है।