चित्रकूट। अपर सत्र न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट)/ एफटीसी न्यू राम मणि पाठक की अदालत ने 16 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट के मामले में दो दोषियों को पांच-पांच साल के कारावास और 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) की अदालत ने नत्थू सिंह और रोशन सिंह को दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया। उन्हें तत्काल हिरासत में लेकर जेल भेजने का आदेश दिया गया है।
यह मामला वर्ष 2017 में राजापुर थाना क्षेत्र के देवारी गांव में हुई एक हत्या से जुड़ा है। नत्थू सिंह, रोशन सिंह और दादू सिंह उर्फ दुर्विजय सिंह ने एक गिरोह बनाकर संगठित आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया था। 30 अगस्त 2017 को इस गिरोह ने देवारी गांव के जानकी शरण की यमुना नदी में मछली पकड़ने के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को जमीन में दबा दिया गया था। घटना के गवाहों को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। इस मामले में राजापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी और बाद में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। विवेचना के दौरान आरोपी दादू सिंह उर्फ दुर्विजय सिंह की मौत हो गई थी।
अदालत ने पक्ष और विपक्ष दोनों की दलीलें सुनने के बाद बयान व साक्ष्य के आधार पर नत्थू सिंह और रोशन सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट के तहत दोषी पाया। दोनों को पांच-पांच साल की सजा और 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। जुर्माना न भरने पर उन्हें तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सड़क हादसे में आरोपी दोषमुक्त
चित्रकूट। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम सृष्टि शुक्ला ने एक सड़क हादसे के आरोप में संदेह का लाभ देते हुए आरोपी नरोत्तम सिंह को दोष मुक्त किया। साथ ही जमानत के अनुबंध पत्र भी रद्द किए।
कर्वी कोतवाली इलाके में एक मार्च वर्ष 2010 को नरोत्तम सिंह कार कहीं जा रहे थे रास्ते में उनकी कार से बाइक में टक्कर हो गई थी। हादसे में भीषमपुर निवासी 21 वर्षीय भोले उर्फ राज कुमार की मृत्यु हो गई थी और दो अन्य घायल हुए थे। इस मामले में पांच दिन बाद यानी छह मार्च 2010 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले में आरोपी जमानत पर है। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और गवाहों के बयानों में विसंगतियां पाईं। तथ्यों पर विचार कर अदालत ने नरोत्तम सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया। (संवाद)
हीरो फिनकॉर्प के तीन कर्मचारियों पर प्राथमिकी के आदेश
चित्रकूट। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट गीता सिंह ने हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड के तीन कर्मचारियों के खिलाफ परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है। इन पर धोखाधड़ी, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग के आरोप हैं।
मऊ थाना क्षेत्र के जोरवारा निवासी कविता देवी ने कौशांबी के भरवारी मंझनपुर की हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड की शाखा से लोन पर बाइक खरीदी थी। उसने समय से किस्तें जमा की, लेकिन बच्चों की बीमारी के चलते एक किस्त समय से जमा नहीं कर सकीं। इस पर कंपनी के कर्मचारी अरुणेंद्र कुमार, अजय गर्ग और हेमंत ने पांच अगस्त 2025 को उनकी बाइक जबरन छीन ली। हालांकि बाद में उन्होंने 22700 रुपये का भुगतान कर वाहन वापस लिया, मगर उन्होंने अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं दिया गया। बाद में, 28 मार्च 2026 को कर्मचारियों ने फिर से उनकी बाइक छीन ली और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। इस मामले में कविता देवी ने पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट का दरवाजा खटखटाने पर अदालत ने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 17 जून को होगी। (संवाद)
आबकारी अधिनियम में दोषी पर जुर्माना
चित्रकूट। सिविल जज (सीडी)/एफटीसी अश्विनी कुमार उपाध्याय की अदालत ने आरोपी आकाश रैकवार को आबकारी अधिनियम में दोषी ठहराते हुए चार हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
अदालत में आकाश ने स्वेच्छा से अपना जुर्म स्वीकार किया और न्यायालय से कम से कम जुर्माने की याचना की थी। न्यायाधीश अश्विनी कुमार उपाध्याय ने आकाश रैकवार को न्यायालय उठने तक की सजा दी और चार हजार रुपये के अर्थदंड लगाया। अर्थदंड जमा न करने पर उसे 10 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। (संवाद)