खंडेहा के प्रेम किशोर सिंह और शेषा सुबकरा के दिलीप कुमार मिश्रा कहते हैं कि मिट्टी और घटिया बालू की जैसे-तैसे भराई कर बीच में खज्जी भर दी गई है। इसके अलावा नींव में बिना मिक्सर मशीन से मिलाकर गिट्टी लगाकर पानी डलवा दिया गया है। पटोरी में काम पर भी तमाम कमियां ग्रामीणों ने गिनाईं। इस संबंध में उच्चाधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजे हैं। इसमें स्थल चयन को लेकर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है।
हैंडपंपों का जलस्तर बढ़ाने को हैं चेकडैम
इस संबंध में कार्यदाई संस्था लघु सिंचाई विभाग के जेई जेपी यादव ने बताया कि ये चेकडैम आसपास के गांवों के हैंडपंपों का जलस्तर बढ़ाने के लिए बनाए जा रहे हैं। बारिश के दौरान इनमें पानी भरेगा और फिर हैंडपंपों को फायदा होगा। उन्होंने खराब निर्माण की जांच कराने की बात कही। साथ ही इस्टीमेट पूछने पर बोले कि वह इस समय बाहर हैं, लौटकर बताएंगे।